””शहर की सरकार”” चुनने की सुगबुगाहट तेज, फरवरी में बज सकता है चुनावी बिगुल

गोड्डा में नगर निकाय चुनाव की तैयारी अंतिम चरण में, तीन वर्षों के इंतजार के बाद चुनावी प्रक्रिया शुरू

लगभग तीन वर्षों के लंबे इंतजार के बाद गोड्डा में एक बार फिर लोकतांत्रिक प्रक्रिया के जरिए नगर निकाय के गठन की तैयारी अंतिम चरण में है. झारखंड राज्य निर्वाचन आयोग की सक्रियता और आरक्षण की अधिसूचना जारी होने के साथ ही प्रशासनिक गलियारों से लेकर चाय की दुकानों तक चुनावी चर्चाएं आम हो गयी हैं. गोड्डा और महागामा की जनता अपने स्थानीय जनप्रतिनिधियों को चुनने के लिए बेताब है. यदि सब कुछ योजना अनुसार रहा, तो फरवरी में जिला प्रशासन चुनावी बिगुल फूंक देगा.

बैलेट पेपर से होगा मतदान

इस बार का चुनाव कई मायनों में खास और बदला हुआ है. प्रशासनिक स्तर पर सबसे बड़ी बदलाव यह है कि चुनाव ईवीएम की बजाय बैलेट पेपर से कराया जाएगा. सूत्रों के अनुसार, अध्यक्ष पद के लिए गुलाबी और वार्ड पार्षद के लिए सफेद मतपत्रों का प्रयोग होगा. जिला प्रशासन ने मतदान केंद्रों का भौतिक सत्यापन और अधिकारियों की प्रतिनियुक्ति की प्रक्रिया पूरी कर ली है.

आरक्षण और नये नियमों ने बदले राजनीतिक समीकरण

हाल ही में जारी अधिसूचना ने गोड्डा और महागामा के राजनीतिक समीकरण बदल दिये हैं. गोड्डा नगर परिषद में अध्यक्ष पद अत्यंत पिछड़ा वर्ग-1 (अन्य) के लिए आरक्षित किया गया है. 2018 में यह पद अनारक्षित था, जिससे पुराने दिग्गजों के समीकरण बिगड़ गये और नये चेहरों के लिए मौके खुले हैं. महागामा नगर पंचायत में पहली बार नगर निकाय चुनाव होने जा रहे हैं, जहां अध्यक्ष पद अनुसूचित जनजाति (अन्य) के लिए आरक्षित है.

दो से अधिक बच्चे वाले नहीं लड़ सकेंगे चुनाव

नगर निकाय चुनाव में दो से अधिक बच्चे वाले उम्मीदवार चुनाव नहीं लड़ सकेंगे. प्रत्याशी को नामांकन के समय शपथ पत्र देना होगा कि निर्धारित तिथि तक उनके दो बच्चे हैं. राज्य निर्वाचन आयोग ने सभी जिलों को इसका कड़ाई से पालन कराने के निर्देश दिए हैं. इस बार उपाध्यक्ष का चुनाव प्रत्यक्ष मतदान से नहीं होगा. नगर परिषद/पंचायत के वार्ड पार्षद मिलकर उपाध्यक्ष का चुनाव करेंगे. केवल वार्ड पार्षद और नगर अध्यक्ष का चुनाव सीधा होगा. चुनाव गैर-दलगत (बिना पार्टी सिंबल) आधार पर होने की संभावना है, जिससे स्थानीय मुद्दों और व्यक्तिगत छवि की भूमिका बढ़ जाएगी. गोड्डा नगर परिषद में कुल 21 वार्ड हैं, जबकि महागामा नगर पंचायत में कुल 17 वार्ड हैं. चुनाव 2024 की विधानसभा मतदाता सूची के आधार पर कराये जाएंगे, जिसमें नाम जोड़ने या हटाने की प्रक्रिया बंद हो चुकी है. प्रशासनिक हलचल तेज होने के साथ संभावित प्रत्याशियों ने जनसंपर्क शुरू कर दिया है. मोहल्लों में नाली, सड़क और साफ-सफाई जैसे बुनियादी मुद्दे एक बार फिर चुनावी चर्चा के केंद्र में हैं.

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By Sanjeet kumar

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