गोड्डा में परसा के मिल्लत कॉलेज में होगी बीएड की पढ़ाई, परसा के लिए एक और बड़ी उपलब्धि

Godda News: गोड्डा के परसा स्थित मिल्लत कॉलेज को सिद्धो-कान्हू मुर्मू विश्वविद्यालय से बीए, बीकॉम, बीएससी और बीएड पाठ्यक्रमों की स्वीकृति मिल गई है. इस फैसले से क्षेत्र के विद्यार्थियों को स्थानीय स्तर पर उच्च शिक्षा और शिक्षक प्रशिक्षण का अवसर मिलेगा तथा शिक्षा व्यवस्था को नई मजबूती प्राप्त होगी. इससे जुड़ी खबर नीचे पढ़ें.

हनवारा से फिरोज आलम की रिपोर्ट

Godda News: झारखंड के गोड्डा जिले के परसा स्थित मिल्लत कॉलेज के लिए एक और गौरवपूर्ण उपलब्धि सामने आई है. सिद्धो-कान्हू मुर्मू विश्वविद्यालय (एसकेएमयू), दुमका ने महाविद्यालय में बीए, बीकॉम, बीएससी और बीएड पाठ्यक्रमों के संचालन की स्वीकृति प्रदान कर दी है. विश्वविद्यालय की इस मंजूरी के बाद क्षेत्र के विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा के लिए दूसरे शहरों और दूर-दराज के कॉलेजों का रुख नहीं करना पड़ेगा.

क्षेत्र की शिक्षा व्यवस्था को मिलेगा नया आयाम

विश्वविद्यालय से मिली स्वीकृति को क्षेत्र के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि माना जा रहा है. लंबे समय से स्थानीय छात्र-छात्राएं स्नातक और शिक्षक प्रशिक्षण पाठ्यक्रमों की सुविधा की मांग कर रहे थे. अब मिल्लत कॉलेज में इन पाठ्यक्रमों की पढ़ाई शुरू होने से ग्रामीण और पिछड़े क्षेत्रों के विद्यार्थियों को अपने घर के नजदीक ही गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्राप्त करने का अवसर मिलेगा. शिक्षा जगत से जुड़े लोगों का मानना है कि इस फैसले से न केवल विद्यार्थियों को लाभ मिलेगा, बल्कि पूरे क्षेत्र में शैक्षणिक वातावरण को भी मजबूती मिलेगी.

प्राचार्य ने जताई खुशी

महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ तुषार कांत ने इस उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि विश्वविद्यालय द्वारा मिली स्वीकृति संस्थान के विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है. उन्होंने कहा कि इससे कॉलेज के शैक्षणिक विस्तार को नई गति मिलेगी और विद्यार्थियों के लिए उच्च शिक्षा के नए अवसर उपलब्ध होंगे. उन्होंने बताया कि कॉलेज प्रबंधन का उद्देश्य केवल डिग्री प्रदान करना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, नैतिक मूल्यों और व्यावसायिक दक्षता से भी सशक्त बनाना है.

बीएड की पढ़ाई से युवाओं को मिलेगा लाभ

बीएड पाठ्यक्रम की स्वीकृति को विशेष रूप से महत्वपूर्ण माना जा रहा है. अब शिक्षक बनने का सपना देखने वाले छात्र-छात्राओं को बीएड की पढ़ाई के लिए दूसरे जिलों या राज्यों का रुख नहीं करना पड़ेगा. इससे समय और आर्थिक संसाधनों दोनों की बचत होगी. शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि स्थानीय स्तर पर बीएड की सुविधा उपलब्ध होने से क्षेत्र में प्रशिक्षित शिक्षकों की संख्या भी बढ़ेगी और शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार होगा.

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विद्यार्थियों और अभिभावकों में उत्साह

कॉलेज को मिली इस स्वीकृति के बाद विद्यार्थियों और अभिभावकों में उत्साह का माहौल है. स्थानीय लोगों ने इसे क्षेत्र के विकास और शिक्षा के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर बताया है. महाविद्यालय परिवार ने भी विश्वविद्यालय प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त किया है. लोगों का कहना है कि मिल्लत कॉलेज को मिली यह मान्यता आने वाले समय में परसा और आसपास के क्षेत्रों को एक प्रमुख शैक्षणिक केंद्र के रूप में स्थापित करने में अहम भूमिका निभाएगी.

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लेखक के बारे में

Published by: KumarVishwat Sen

कुमार विश्वत सेन प्रभात खबर डिजिटल में डेप्यूटी चीफ कंटेंट राइटर हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता का 25 साल से अधिक का अनुभव है. इन्होंने 21वीं सदी की शुरुआत से ही हिंदी पत्रकारिता में कदम रखा. दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद दिल्ली के दैनिक हिंदुस्तान से रिपोर्टिंग की शुरुआत की. इसके बाद वे दिल्ली में लगातार 12 सालों तक रिपोर्टिंग की. इस दौरान उन्होंने दिल्ली से प्रकाशित दैनिक हिंदुस्तान दैनिक जागरण, देशबंधु जैसे प्रतिष्ठित अखबारों के साथ कई साप्ताहिक अखबारों के लिए भी रिपोर्टिंग की. 2013 में वे प्रभात खबर आए. तब से वे प्रिंट मीडिया के साथ फिलहाल पिछले 10 सालों से प्रभात खबर डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों में ही राजस्थान में होने वाली हिंदी पत्रकारिता के 300 साल के इतिहास पर एक पुस्तक 'नित नए आयाम की खोज: राजस्थानी पत्रकारिता' की रचना की. इनकी कई कहानियां देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं.

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