ठाकुरगंगटी प्रखंड क्षेत्र के परासी मोड़ से तेतरिया तक जाने वाली मुख्य सड़क इन दिनों बदहाल स्थिति में है. सड़क पर जगह-जगह बड़े-बड़े गड्ढे बन जाने से आवागमन जोखिम भरा हो गया है. विशेषकर महुआरा गांव के समीप सड़क की स्थिति इतनी खराब हो चुकी है कि यह राहगीरों और वाहन चालकों के लिए जानलेवा साबित होने लगी है. स्थानीय लोगों का कहना है कि सड़क की हालत देखकर ऐसा प्रतीत होता है मानो यहां कभी निर्माण कार्य हुआ ही नहीं हो. यह क्षेत्र का एक महत्वपूर्ण एवं व्यस्त मार्ग है, जहां प्रतिदिन सैकड़ों छोटी-बड़ी गाड़ियों का आवागमन होता है. गोड्डा सहित आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में लोग मिर्जाचौकी रेलवे स्टेशन तक पहुंचने के लिए इसी सड़क का उपयोग करते हैं. ग्रामीणों के अनुसार परासी मोड़ से महुआरा गांव तक का सफर वाहन चालकों के लिए किसी चुनौती से कम नहीं है. खासकर तीन पहिया वाहन चालक अपनी जान जोखिम में डालकर यात्रियों को गंतव्य तक पहुंचाने को मजबूर हैं.
अधूरे निर्माण कार्य पर ग्रामीणों ने उठाए सवाल
ग्रामीण सीताराम मंडल, चंदन कुमार, लक्ष्मण मंडल, पंकज यादव, अनिल मंडल सहित अन्य लोगों ने बताया कि पीडब्ल्यूडी द्वारा लगभग चार वर्ष पूर्व तेतरिया तक सड़क निर्माण कार्य कराया जाना था, लेकिन ठेकेदार की मनमानी के कारण कार्य अधूरा छोड़ दिया गया. इसके चलते ग्रामीणों और राहगीरों को लगातार परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. ग्रामीणों ने बताया कि गांव में दो-तीन स्थानों पर तीखे मोड़ हैं, जहां सड़क का निर्माण अधूरा रहने के कारण दुर्घटना की आशंका बनी रहती है. बारिश के दिनों में सड़क पर पानी भर जाने से स्थिति और भी गंभीर हो जाती है. कई स्थानों पर सड़क तालाब जैसी दिखाई देने लगती है, जिससे वाहन चालकों को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है.
विभागीय उदासीनता से बढ़ी परेशानी
ग्रामीणों का आरोप है कि निर्माण कार्य के दौरान विभागीय अधिकारियों ने पर्याप्त निगरानी नहीं की, जिसके कारण ठेकेदार द्वारा अधूरा कार्य छोड़ दिया गया. इसका खामियाजा आज आम जनता और गांव के लोगों को भुगतना पड़ रहा है. ग्रामीणों ने प्रशासन एवं संबंधित विभाग से मांग की है कि परासी मोड़ से तेतरिया तक सड़क का निर्माण एवं मरम्मत कार्य शीघ्र पूरा कराया जाये, ताकि लोगों को सुरक्षित और सुगम आवागमन की सुविधा मिल सके.
