हनवारा से फिरोज आलम की रिपोर्ट
Godda News: महागामा प्रखंड के रामकोल गांव के पास गेरुआ नदी में लाखों रुपये की लागत से बना इंटेक वेल शोभा की वस्तु बनी हई है. निर्माण के सालों बाद भी उक्त जलापूर्ति परियोजना का लाभ स्थानीय ग्रामीणों को नहीं मिल सका है, जिससे ग्रामीणों में निराशा और नाराजगी बढ़ती जा रही है.
इंटेक वेल बनने के बाद पानी नहीं पहुंचा
स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि जलापूर्ति योजना के तहत नदी किनारे इंटेक वेल का निर्माण कराया गया था जिससे आसपास के गांवों तक नियमित रूप से स्वच्छ पेयजल पहुंचाया जा सके. लेकिन आज तक न तो जलापूर्ति व्यवस्था सुचारु रूप से शुरू हो पाई है और न ही ग्रामीणों के घरों तक पानी पहुंच सका है.
योजना पूरी, लाभ से वंचित ग्रामीण
परिणामस्वरूप लोग आज भी पेयजल के लिए चापाकल और अन्य पारंपरिक स्रोतों पर निर्भर हैं. ग्रामीणों का आरोप है कि करोड़ों की योजनाएं कागजों पर तो पूरी दिखा दी जाती हैं, लेकिन धरातल पर उसका लाभ आम लोगों तक नहीं पहुंचता.
पेयजल संकट के बीच योजना शुरू करने की मांग
क्षेत्र के लोगों का कहना है कि गर्मी के दिनों में पेयजल संकट और भी गंभीर हो जाता है, ऐसे में इस योजना के चालू नहीं होने से लोगों को काफी परेशानी झेलनी पड़ रही है. ग्रामीणों ने संबंधित विभाग और प्रशासन से अविलंब इस योजना को चालू कराने की मांग की है.
ग्रामीणों को अब भी पानी का इंतजार
वहीं, स्थानीय लोगों का मानना है कि सरकार की महत्वाकांक्षी पेयजल योजनाओं का वास्तविक लाभ तभी मिलेगा जब निर्माण के साथ-साथ उसके संचालन और रखरखाव पर भी गंभीरता से ध्यान दिया जाए. फिलहाल नदी किनारे बना इंटेक वेल लोगों के लिए केवल एक ढांचा बनकर रह गया है, जबकि ग्रामीण आज भी शुद्ध पेयजल की मूलभूत सुविधा से वंचित हैं.
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