मेहरमा के मुर्गियाचक गांव में सोलर जलमीनार खराब, ग्रामीण के बीच पेयजल संकट
चार सोलर जलमीनार लगे थे, मगर महीनों में खराब होने से शुद्ध पानी की व्यवस्था ठप
मेहरमा प्रखंड क्षेत्र की लकड़मारा पंचायत के मुर्गियाचक गांव में सोलर जलमीनार खराब होने के कारण ग्रामीणों को पेयजल संकट का सामना करना पड़ रहा है. गांव की आबादी लगभग एक हजार है. गांव में पंद्रहवें वित्त आयोग की धनराशि से करीब दस लाख रुपये की लागत से चार सोलर जलमीनार स्थापित किये गये थे. इन जलमीनारों के लगने से ग्रामीणों में खुशी थी कि उन्हें शुद्ध पेयजल मिलेगा और चापानल का पानी भी नियमित रूप से उपलब्ध होगा. लेकिन कुछ ही महीनों में जलमीनार खराब हो गया. सोलर जलमीनार के कारण चापानल भी कार्य नहीं कर रहा है. ग्रामीणों ने कई बार मुखिया और प्रखंड कार्यालय में शिकायत की और मरम्मत भी करायी, लेकिन कुछ दिनों बाद जलमीनार पुनः खराब हो गया. इस कारण न तो ग्रामीणों को शुद्ध पेयजल मिल पा रहा है और न ही चापानल से पानी मिल पा रहा है. ग्रामीण इस बात को लेकर चिंता में हैं कि अब वे कैसे और कहां से स्वच्छ पानी प्राप्त करेंगे. गांव के बासुकी मंडल, नारायण मंडल, नरेश मंडल, सुरेश दास, मो. शिराज और मो. तबरेज आलम ने वरीय अधिकारियों से सोलर जलमीनार शीघ्र ठीक करने की मांग की है.
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