सरभंगा क्षेत्र के किसानों ने की धान अधिप्राप्ति केंद्र खोलने की मांग

किसानों को लंबी दूरी तय कर धान बेचने और बिचौलियों से नुकसान का करना पड़ रहा सामना

महागामा प्रखंड के सरभंगा क्षेत्र के किसानों ने स्थानीय अधिकारियों से धान अधिप्राप्ति केंद्र (पीएसीएस) खोलने की मांग की है. किसानों का कहना है कि प्रखंड की 25 पंचायतों में केवल दो पंचायतों में ही वर्तमान में अधिप्राप्ति केंद्र संचालित हैं, जिससे अधिकांश किसानों को अपनी उपज जमा कराने के लिए लंबी दूरी तय करनी पड़ती है. इससे समय और श्रम की हानि होती है और परिवहन पर अतिरिक्त खर्च भी करना पड़ता है. किसान सुरेन्द्र साह, दिलीप रविदास, कविराज ब्रह्म, पंचानन ठाकुर, कांग्रेस साह, याकूब अली, अजीम अहमद, बालगोविन्द पंडित, लालमोहन ठाकुर, शोबराती, मोहम्मद हाशिम, मुख्तार अली मुशीद और शहादत हुसैन सहित अन्य किसानों ने बताया कि इस असुविधा का लाभ उठाकर बिचौलिये सक्रिय हो गये हैं. ये बिचौलिये गांव-गांव जाकर मात्र 1600 रुपये प्रति क्विंटल की दर से किसानों का धान खरीद रहे हैं, जो सरकारी न्यूनतम समर्थन मूल्य से काफी कम है, जिससे किसानों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है. किसानों ने यह भी बताया कि सरकार की नीति अधिक से अधिक मात्रा में धान को निर्धारित समर्थन मूल्य पर खरीदने की है, लेकिन सरभंगा, सरोतिया, सिंनपुर, दिग्घी और नयानगर जैसी पंचायतों में केंद्रों की दूरी अधिक होने के कारण वे सरकारी मूल्य का लाभ नहीं उठा पा रहे हैं. स्थानीय किसानों का कहना है कि यदि सरभंगा पीएसीएस में नया धान अधिप्राप्ति केंद्र खोला जाता है, तो उन्हें उचित मूल्य मिलेगा, बिचौलियों पर निर्भरता कम होगी और वे अपनी उपज आसानी से और सुविधापूर्वक जमा कर पाएंगे. किसानों ने अधिकारियों से इस मांग पर जल्द कार्रवाई की अपेक्षा जतायी है.

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By Sanjeet kumar

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