गोड्डा : ग्रामीण विकास विशेष प्रमंडल, गोड्डा की ओर से जिले के 20 प्राथमिक विद्यालयों में 2ACR प्री-फैब्रिकेशन भवन निर्माण के लिए ई-निविदा आमंत्रित की गयी है. निविदा डालने की अंतिम तिथि शुक्रवार, 5 सितंबर है. विभाग के अनुसार योजना को जल्द पूरा किया जायेगा. प्री-फैब्रिकेशन तकनीक में भवन निर्माण की सामग्री बाहर से तैयार होकर आती है और कम समय में भवन तैयार किया जाता है.
10 से 15 वर्ष बतायी गयी भवन की अनुमानित आयु
विभागीय इंजीनियरिंग सूत्रों के अनुसार प्री-फैब्रिकेशन तकनीक से बनने वाले भवन का निर्माण कम समय में किया जा सकता है. इस भवन की अनुमानित आयु 10 से 15 वर्ष बतायी गयी है. विभाग के अनुसार निर्माण के बाद इन भवनों में विद्यार्थियों के बैठने की व्यवस्था होगी.
पांच ग्रुप में बांटा गया है निर्माण कार्य
कार्यपालक अभियंता की ओर से जारी ई-निविदा आमंत्रण सूचना संख्या आरडब्ल्यूडी/एसडी/गोड्डा/18/2026-27 के अनुसार निर्माण कार्य को पांच ग्रुप में बांटा गया है. प्रत्येक ग्रुप की प्राक्कलित राशि 98 लाख 82 हजार रुपये निर्धारित की गयी है.
इन स्कूलों में बनेंगे भवन
ग्रुप-01 : बसंतराय-पथरगामा — बेलाकिता बालिका, देवराजगंज, लक्ष्मीपुर और कोतलहुआ.
ग्रुप-02 : बोआरीजोर-सुंदरपहाड़ी — बहलियाचक, छोटा सरैया, पोड़ैयाहाट बाजार और सबलपुर.
ग्रुप-03 : गोड्डा — बेसाढ़ी बिलासी हरिजन टोला, फसिया डंगाल और रंगमटिया.
ग्रुप-04 : महागामा-ठाकुरगंगटी — बरदबाद, लखीपुर यादव टोला, दोगाछी उर्दू और पिपरा.
ग्रुप-05 : पथरगामा — बालक चौरा, डररंगी, घोघडीहा और कमलडीहा.
5 सितंबर तक जमा होगी ई-निविदा
विभाग के अनुसार ई-निविदा 24 अगस्त से 5 सितंबर की शाम 5 बजे तक ऑनलाइन जमा की जायेगी. निविदा 7 सितंबर को दोपहर 2 बजे कार्यपालक अभियंता कार्यालय, गोड्डा में खोली जायेगी. अग्रधन राशि 1 लाख 97 हजार 700 रुपये और निविदा शुल्क 10 हजार रुपये निर्धारित किया गया है. दोनों राशि ऑनलाइन मोड में देय होगी. निर्माण कार्य की अवधि छह माह निर्धारित की गयी है.
डीएमएफटी की राशि से कंक्रीट भवन निर्माण पर भी चर्चा
इधर, जिले में डीएमएफटी की राशि से विभिन्न विकास योजनाओं पर काम होता रहा है. खबर के अनुसार, डीएमएफटी की बैठक में जनप्रतिनिधियों और वरीय पदाधिकारियों की ओर से जिले के तीनों विधानसभा क्षेत्रों में ठोस निर्माण से संबंधित योजनाओं पर निर्णय लिया गया था. बोआरीजोर और सुंदरपहाड़ी क्षेत्र में भी कई निर्माण कार्य शामिल थे. ऐसे में प्राथमिक विद्यालयों के लिए सीमेंट, ईंट, सरिया और चिप्स से बनने वाले कंक्रीट भवन की जगह प्री-फैब्रिकेशन तकनीक अपनाये जाने को लेकर चर्चा हो रही है.:
