पोड़ैयाहाट में 5 लाख लगाकर खोला सूअर फार्म: एक माह में 20 से ज्यादा की मौत, अब पूंजी डूबने का डर

पोड़ैयाहाट के शिक्षित युवक दिलीप हांसदा का सूअर पालन व्यवसाय बीमारी के कारण बर्बाद. 5 लाख का नुकसान होने पर प्रशासन से मुआवजे की लगाई गुहार.

प्रतिनिधि, पोड़ैयाहाट : सरकार स्वरोजगार को बढ़ावा दे रही है, लेकिन संसाधन और सहयोग के अभाव में युवा हताश हो रहे हैं. ऐसा ही एक मामला पोड़ैयाहाट प्रखंड के नवडीहा गांव में सामने आया है, जहां शिक्षित युवक दिलीप हांसदा ने स्वरोजगार के उद्देश्य से सूअर फार्म खोला था. लेकिन एक माह के भीतर 20 से अधिक सूअरों की मौत से उनका व्यवसाय संकट में पड़ गया है.

नौकरी नहीं मिली तो शुरू किया सूअर पालन

नवडीहा गांव निवासी दिलीप हांसदा बीएड पास हैं. नौकरी नहीं मिलने के बाद उन्होंने वर्ष 2024 में स्वरोजगार करने का निर्णय लिया. परिवार से पैसे लेकर करीब पांच लाख रुपये की लागत से गांव में ही 'हांसदा बाबू सूअर फार्म' शुरू किया. शुरुआत में सब कुछ ठीक चल रहा था, लेकिन पिछले एक माह से अचानक सूअर बीमार पड़ने लगे और एक-एक कर 20 से अधिक सूअरों की मौत हो गई.

बीमारी ने डुबो दी पांच लाख की पूंजी

दिलीप ने बताया कि उन्होंने इसकी सूचना पशुपालन विभाग को भी दी है. देखते ही देखते उनका पूरा फार्म खाली हो गया. करीब पांच लाख रुपये की पूंजी डूबने से वे कर्ज में डूब गए हैं. लगातार सूअरों की मौत से परिवार के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है.

शिक्षक बनने की कोशिश के बाद चुना स्वरोजगार

दिलीप ने बताया कि वे बीएड पास हैं और कई बार शिक्षक भर्ती परीक्षा भी दे चुके हैं, लेकिन सफलता नहीं मिली. इसके बाद आत्मनिर्भर बनने के लिए उन्होंने सूअर पालन का व्यवसाय चुना. इसके लिए उन्होंने यूट्यूब और अन्य माध्यमों से जानकारी भी हासिल की थी. उन्हें उम्मीद थी कि इस व्यवसाय से वे आत्मनिर्भर बनेंगे और अन्य युवाओं के लिए भी प्रेरणा बनेंगे, लेकिन बीमारी ने उनकी सारी उम्मीदों पर पानी फेर दिया.

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जांच और मुआवजे की मांग

फार्म में सूअरों की लगातार हो रही मौत से दिलीप काफी हताश और निराश हैं. उन्होंने प्रशासन और पशुपालन विभाग से मदद की गुहार लगाई है. उन्होंने मांग की है कि उनके फार्म का निरीक्षण कर सूअरों की मौत के कारणों का पता लगाया जाए और उचित मुआवजा दिया जाए, ताकि वे दोबारा अपना व्यवसाय खड़ा कर सकें.

स्थानीय ग्रामीणों ने भी प्रशासन से दिलीप हांसदा को सहायता उपलब्ध कराने की मांग की है, ताकि शिक्षित युवा स्वरोजगार से विमुख न हों.

टीम भेजकर जांच कराने का आश्वासन

इस संबंध में प्रखंड विकास पदाधिकारी फूलेश्वर मुर्मू ने कहा कि पशुपालन विभाग की टीम को भेजकर मामले की जांच करायी जाएगी. साथ ही वरीय अधिकारी को भी रिपोर्ट भेजी जाएगी.

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By Prabhat khabar news desk

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