गोड्डा में मकर संक्रांति को लेकर तिलकुट और गुड़ की महक से गुलजार बाजार

दो महीने से तैयारी में जुटे हैं कारीगर और दुकानदार, तिलकुट और लाई बनाने में व्यस्त

By SANJEET KUMAR | January 5, 2026 10:43 PM

मकर संक्रांति के पूर्व गोड्डा शहर में गुड़ और तिल की सोंधी खुशबू चारों ओर फैली हुई है. शहर के विभिन्न इलाकों में कारीगर तिलकुट और लाई बनाने में व्यस्त हैं. तिलकुट की बढ़ती मांग के कारण सड़क किनारे अस्थाई दुकानें सज गयी है और शहर की गलियां महक और हलचल से गुलजार हो गयी है. गोड्डा में लगभग दो दर्जन से अधिक तिलकुट की दुकानें सज चुकी हैं. शहर के मेला मैदान के सामने, नगर परिषद कार्यालय के पास, कारगिल चौक और अन्य प्रमुख स्थानों पर तिलकुट का कारोबार देखा जा सकता है. नवंबर माह के अंतिम सप्ताह से शुरू होने वाला यह व्यवसाय जनवरी माह तक चलता है. इस दौरान शहर में तिलकुट का कारोबार लाखों रुपये का होता है.

दैनिक बिक्री और आमदनी पर असर

स्थानीय दुकानदारों का कहना है कि एक दिन में औसतन 5 से 10 हजार रुपये तक की बिक्री होती है. किराने और मिठाई की दुकानों में भी तिलकुट का कारोबार देखा जा रहा है. मेला मैदान के समीप तिलकुट की दुकान चला रहे भतडीहा निवासी दिलीप गुप्ता और पिंटू गुप्ता ने बताया कि नवंबर से जनवरी तक यह कारोबार चलता है और एक दिन में 5 से 8 हजार रुपये तक की बिक्री होती है. हालांकि, वर्तमान समय में कच्चे माल के बढ़ते दाम और कारीगरों की मजदूरी बढ़ने से आमदनी पहले जैसी नहीं रह गयी है.

ठंड में तिलकुट की बिक्री में तेजी

मकर संक्रांति पर तिलकुट का विशेष महत्व है. लोग इसे इस पर्व पर अधिक सेवन करते हैं. ठंड के मौसम में तिलकुट की बिक्री बढ़ जाती है, क्योंकि तिल शरीर को गर्मी प्रदान करता है. इस कारण लोग ठंड में इस मिठाई का अधिक सेवन करते हैं.

तिलकुट के दाम पर एक नजर

गुड का तिलकुट : 360 रुपये किलो

चीनी का तिलकुट : 340 रुपये किलो

खोआ का तिलकुट : 540 रुपये किलो

बादाम का लाई : 300 रुपये किलो

मुढी व चूडा का लाई : 160 रुपये किलो

काला तिल लड्डू : 380 रुपये किलो

उजला तिल लड्डू : 380 रुपये किलो

मुरब्बा : 120 रुपये किलो

खोआ का अनरसा : 280 रुपये किलो

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