कब टूटकर गिर जाए छत का हिस्सा! जर्जर रसोईघर में खाना बना रहीं रसोईया

जान जोखिम में डालकर स्कूल रसोईया जर्जर छत के नीचे बच्चों के लिए मिड-डे मील बना रही हैं. बारिश में खतरा और बढ़ जाता है. जानिए पूरा मामला.

प्रतिनिधि, हनवारा: महागामा प्रखंड क्षेत्र अंतर्गत मध्य विद्यालय कसबा में जर्जर रसोईघर की छत के नीचे रसोईया बच्चों के लिए मध्याह्न भोजन तैयार करने को मजबूर हैं. रसोईघर की खराब स्थिति के कारण यहां काम करने वाली रसोईया के बीच हर समय हादसे की आशंका बनी रहती है. जर्जर छत के नीचे ही रोजाना बच्चों का भोजन तैयार किया जा रहा है.

छत का हिस्सा गिरने का बना रहता है डर

रसोईया ने बताया कि खाना बनाने के दौरान हमेशा डर का माहौल रहता है. काम करते समय चिंता बनी रहती है कि कहीं अचानक छत का कोई हिस्सा टूटकर नीचे न गिर जाए. उन्होंने कहा कि बच्चों के लिए भोजन तैयार करना जरूरी है, लेकिन जर्जर छत के नीचे काम करना जान जोखिम में डालने जैसा है.

बारिश में बढ़ जाती है परेशानी

बारिश के दिनों में रसोईघर की स्थिति और भी चिंताजनक हो जाती है. जर्जर छत से पानी टपकने के साथ कमजोर हिस्सों के गिरने की आशंका बनी रहती है. इसके बावजूद वैकल्पिक व्यवस्था नहीं होने के कारण रसोईया उसी रसोईघर में भोजन बनाने को विवश हैं.

ग्रामीणों ने सुरक्षित रसोईघर की मांग

हनवारा में जर्जर भवन.| Prabhat Khabar Network

स्थानीय लोगों ने बताया कि विद्यालय में बड़ी संख्या में बच्चे पढ़ते हैं. ऐसे में जर्जर रसोईघर की स्थिति को नजरअंदाज करना कभी भी भारी पड़ सकता है. ग्रामीणों ने संबंधित विभाग से रसोईघर की स्थिति की जांच कराने और जल्द मरम्मत कराने की मांग की है.

ग्रामीणों का कहना है कि यदि रसोईघर की मरम्मत संभव नहीं है तो बच्चों का भोजन तैयार करने के लिए सुरक्षित वैकल्पिक व्यवस्था की जानी चाहिए, ताकि रसोईया सुरक्षित माहौल में काम कर सकें और किसी अनहोनी की आशंका को टाला जा सके.

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By Prabhat khabar news desk

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