बंगाल ज्वैलर्स डकैती कांड में आखिरी मुख्य आरोपी भी गिरफ्तार, यूपी से धराया सद्दाम अंसारी

गोड्डा बंगाल ज्वैलर्स डकैती कांड का एक और मुख्य आरोपी सद्दाम अंसारी उत्तर प्रदेश से गिरफ्तार. इस गिरफ्तारी के बाद पुलिस का दावा, अब कोई मुख्य आरोपी फरार नहीं. जानिए पूरा मामला.

प्रतिनिधि, गोड्डा. गोड्डा नगर थाना क्षेत्र के बंगाल ज्वैलर्स डकैती कांड में फरार चल रहे अंतिम मुख्य आरोपियों में शामिल सद्दाम अंसारी को पुलिस ने उत्तर प्रदेश से गिरफ्तार कर लिया है. बांका जिले के बंधुआ कुरावा थाना क्षेत्र के अंबातरी गांव निवासी 20 वर्षीय सद्दाम अंसारी, पिता स्व. राजू अंसारी को गिरफ्तार करने के बाद न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया गया. प्रेस वार्ता में एसडीपीओ आकाश भारद्वाज ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी का पुराना आपराधिक इतिहास रहा है और वह बांका के बंधुआ कुरावा (बौंसी) थाना, सरैयाहाट थाना तथा गोड्डा नगर थाना के मामलों में आर्म्स एक्ट समेत अन्य गंभीर धाराओं में वांछित रहा है.

8 जुलाई को हथियारबंद अपराधियों ने की थी डकैती

गत 8 जुलाई 2026 को बंगाल ज्वैलर्स में तीन अज्ञात हथियारबंद अपराधियों ने लूटपाट की घटना को अंजाम दिया था. दुकान मालिक बासुदेव राव के आवेदन पर गोड्डा नगर थाना कांड संख्या 125/26 के तहत मामला दर्ज किया गया था. घटना की गंभीरता को देखते हुए एसडीपीओ आकाश भारद्वाज के नेतृत्व में विशेष जांच दल का गठन किया गया था.

राजेश और अजीत की गिरफ्तारी से शुरू हुई कार्रवाई

पुलिस ने सबसे पहले राजेश यादव और अजीत यादव को गिरफ्तार किया था. राजेश यादव के घर से 39.93 ग्राम सोना, 41,500 रुपये नकद और घटना में इस्तेमाल पिस्टल बरामद की गयी थी. दुमका पुलिस की मदद से दानवीर पासवान को भी गिरफ्तार किया गया था. उसके पास से घटना में इस्तेमाल नीले रंग की अपाचे मोटरसाइकिल बरामद हुई थी.

रेकी से लेकर लूट के सोने की बिक्री तक जांच

पुलिस के अनुसार, रेकी करने और लूट का सोना बिकवाने वाले मुख्य मास्टरमाइंड स्वर्णकार चंद्रशेखर कुमार साह उर्फ पूरन साह को 13 अगस्त 2026 को गिरफ्तार किया गया था. सोना खरीदने-बेचने में शामिल गोड्डा और बांका जिले के अन्य स्वर्ण व्यवसायियों को भी जेल भेजा जा चुका है.

प्रवीण कुमार पारो भी भेजा गया जेल

संयुक्त पुलिस कार्रवाई में बांका जिले में फरार चल रहे प्रवीण कुमार पारो उर्फ प्रवीण कुमार यादव को गिरफ्तार कर मंडल कारा, पाकुड़ भेजा गया था. वहीं, इस घटना में शामिल अनिल सिंह का शव देवघर जिले के सारवां थाना क्षेत्र में पाया गया था.

तीन मुख्य आरोपियों का मामला इस तरह पहुंचा इस मुकाम तक

बंगाल ज्वैलर्स डकैती कांड में तीन मुख्य आरोपियों के नाम सामने आने के बाद घटनाक्रम में दानवीर पासवान की गिरफ्तारी हो चुकी है, अनिल सिंह की मौत हो चुकी है और अब सद्दाम अंसारी को गिरफ्तार किया गया है. पुलिस का दावा है कि सद्दाम की गिरफ्तारी के बाद इस कांड में कोई मुख्य आरोपी फरार नहीं बचा है.

बरामदगी को लेकर लोगों के बीच सवाल

पुलिस की कार्रवाई के बावजूद डकैती में गयी पूरी रकम और जेवरात की बरामदगी को लेकर स्थानीय लोगों के बीच सवाल उठ रहे हैं. लोगों का कहना है कि करीब 50 लाख रुपये के सोने और पांच लाख रुपये नकद की लूट की बात सामने आयी थी, जबकि अब तक बरामदगी काफी कम रही है. पुलिस का मानना है कि लूटे गये अधिकांश गहने आरोपियों ने गलाकर बेच दिये.

इसी वजह से लोगों के बीच यह चर्चा भी बनी हुई है कि लूटे गये बाकी सोने-जेवरात और नकदी का क्या हुआ तथा उनकी बरामदगी क्यों नहीं हो सकी. हालांकि, इस संबंध में पुलिस की जांच और अब तक की बरामदगी ही आधिकारिक आधार है.

छापेमारी दल में ये पुलिस अधिकारी रहे शामिल

सफल कार्रवाई में एसडीपीओ आकाश भारद्वाज के अलावा सदर प्रभाग के मधुसूदन मोदक, पुलिस निरीक्षक दिनेश महली सहित अन्य पुलिस अधिकारी और जवान शामिल थे.

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By Prabhat khabar news desk

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