परवेज आलम,बसंतराय. बसंतराय. प्रखंड मुख्यालय स्थित बसंतराय प्रखंड कार्यालय की बदहाल छत हल्की बारिश में ही जवाब देने लगी है. बारिश शुरू होते ही कार्यालय की छत से जगह-जगह पानी टपकने लगता है. इससे कार्यालय में काम कराने पहुंचने वाले ग्रामीणों के साथ-साथ कर्मियों को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है.
बुधवार को हुई हल्की बारिश के बाद भी कार्यालय की छत से लगातार पानी टपकता रहा. स्थिति ऐसी बनी रही कि कार्यालय के अंदर रखे जरूरी कागजात और अन्य सामान के भीगने और खराब होने का खतरा बना रहा.
बारिश में आम हो गया है छत से पानी टपकना
ग्रामीणों के अनुसार, बारिश के दिनों में प्रखंड कार्यालय की छत से पानी रिसना अब आम बात हो गयी है. इसके बावजूद अब तक छत की स्थायी मरम्मत नहीं करायी गयी है. प्रखंड कार्यालय में प्रतिदिन बड़ी संख्या में ग्रामीण जाति, आवास, आय, पेंशन, राशन और आवास योजना समेत विभिन्न सरकारी कार्यों को लेकर पहुंचते हैं.
बारिश के दौरान कार्यालय परिसर और कमरों में पानी टपकने से लोगों को काम कराने में परेशानी होती है. वहीं कर्मियों को भी जरूरी दस्तावेज और कार्यालय सामग्री को सुरक्षित रखने में काफी मशक्कत करनी पड़ती है.
सरकारी अभिलेखों के खराब होने का खतरा
ग्रामीणों ने बताया कि प्रखंड कार्यालय में कई महत्वपूर्ण सरकारी दस्तावेज और अभिलेख रखे रहते हैं. यदि छत से इसी तरह पानी टपकता रहा तो कागजात के खराब होने की आशंका बनी रहेगी. लगातार नमी के कारण भवन की स्थिति भी और खराब हो सकती है.
ग्रामीणों का कहना है कि सरकारी कार्यालय के भवन की स्थिति ऐसी होना जिम्मेदार विभागों की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़ा करता है. समय रहते मरम्मत नहीं हुई तो आने वाले दिनों में समस्या और गंभीर हो सकती है.
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बीडीओ से तत्काल मरम्मत कराने की मांग
ग्रामीणों ने प्रखंड कार्यालय की छत की स्थिति का तत्काल जायजा लेकर आवश्यक मरम्मत कराने की मांग की है. लोगों का कहना है कि प्रखंड कार्यालय आम लोगों से सीधे जुड़ा महत्वपूर्ण सरकारी कार्यालय है. यहां दूर-दराज के गांवों से बड़ी संख्या में लोग पहुंचते हैं, इसलिए भवन और मूलभूत सुविधाओं का दुरुस्त रहना जरूरी है.
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि छत की स्थिति की जानकारी होने के बावजूद अब तक ठोस पहल नहीं की गयी है. उन्होंने प्रशासन से तकनीकी जांच कराकर क्षतिग्रस्त छत की तत्काल मरम्मत कराने की मांग की है, ताकि ग्रामीणों और कर्मियों को परेशानी से राहत मिले और सरकारी अभिलेख सुरक्षित रह सकें.
