अचानक बंद हुई बस सेवा, महिलाओं समेत 500 कर्मियों की बढ़ी परेशानी
राजमहल कोल परियोजना में इसीएल के कर्मियों पर बड़ा संकट, स्थापनाकाल से जारी बस सेवा पर रोक
राजमहल कोल परियोजना में कार्यरत कर्मियों के लिए दुखद समाचार है. परियोजना कार्यालय में कर्मियों को कार्यालय आने-जाने के लिए एक फरवरी से बस सेवा बंद कर दी जाएगी. इसके बाद कर्मियों को यात्रा भत्ता तो मिलेगा, लेकिन पहले की तरह बस सुविधा नहीं रहेगी. परियोजना के स्थापना काल से ही यह सुविधा उपलब्ध थी और इसे बंद करने के निर्णय से कर्मियों में आक्रोश है. परियोजना में तीन शिफ्टों में बस चलती थी, जो लगभग 500 कर्मियों को लाने-ले जाने का काम करती थी. इनमें करीब 200 महिलाएं शामिल हैं. बस सेवा बंद होने के बाद इन्हें निजी या भाड़े की गाड़ियों से कार्यालय आना पड़ेगा, जिससे उनके लिए कई तरह की कठिनाइयाँ उत्पन्न होंगी. परियोजना में संचालित दो बसों के चालक और खलासी ठेका मजदूर के रूप में कार्यरत थे. बस सेवा बंद होने से उनके रोजगार पर भी असर पड़ेगा. परियोजना द्वारा बस संचालन पर प्रतिवर्ष लगभग 3 से 5 लाख रुपये खर्च किए जाते थे.
पूर्व में संडे कार्य विवाद भी था कारण
कुछ माह पहले संडे की छुट्टी को लेकर भी कर्मियों ने आंदोलन किया था. लगातार यह मांग उठ रही थी कि कार्यालय आने-जाने की सुविधा पूर्ववत बनी रहे. बस सेवा बंद होने से इस विवाद के बाद कर्मचारियों में और आक्रोश फैल गया है.‘कई वर्षों से इसीएल कर्मियों को बस सेवा की सुविधा दी जा रही थी. अचानक इसे बंद करना उचित नहीं है. प्रबंधन को इसे पूर्व की भांति बहाल करना चाहिए. इससे करीब 500 कर्मियों पर असर पड़ेगा, जिसमें 200 महिलाएं भी शामिल हैं. बस सेवा बंद होने से सबसे अधिक परेशानी महिलाओं को होगी.-रामजी साह, कर्मचारी यूनियन
‘वरीय अधिकारी के आदेशानुसार बस सेवा बंद की जा रही है. हालांकि कर्मियों को नियम के अनुसार यात्रा भत्ता प्रदान किया जाएगा. इससे कर्मियों पर आर्थिक बोझ नहीं पड़ेगा और वे आवागमन कर सकेंगे.-प्रणव कुमार, कार्मिक प्रबंधकB
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