15 दिसंबर से शुरू होगी धान की खरीदारी

खरीफ फसल धान अधिप्राप्ति योजना 2025-26 की जिला स्तरीय बैठक आयोजित

गोड्डा समाहरणालय स्थित सभागार में डीसी अंजली यादव की अध्यक्षता में जिलास्तरीय धान अधिप्राप्ति अनुश्रवण समिति की बैठक आयोजित की गयी. बैठक में वर्ष 2024-25 के धान अधिप्राप्ति आंकड़ों की समीक्षा की गयी और खरीफ विपणन मौसम 2025-26 के लिए धान अधिप्राप्ति तैयारियों पर चर्चा की गयी. जिले में धान की खरीदारी 15 दिसंबर से आरंभ होगी. डीसी ने धान अधिप्राप्ति केंद्रों के संचालन, नियमित जांच और सत्यापन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए, ताकि खरीफ विपणन मौसम 2025-26 का कार्य सुचारू रूप से संचालित हो. जिला आपूर्ति पदाधिकारी अविनाश कुमार पूर्णेन्दु ने वर्ष 2024-25 में चयनित 21 पैक्स, लैम्पस और 12 एफपीसी धान अधिप्राप्ति केंद्रों की जानकारी दी. डीसी ने आवश्यकतानुसार अतिरिक्त केंद्र खोलने और नोडल अधिकारियों की प्रतिनियुक्ति करने के निर्देश दिये, ताकि धान अधिप्राप्ति में तेजी लायी जा सके. बैठक में किसानों का अधिक से अधिक पंजीकरण सुनिश्चित करने, लैम्पस केंद्रों का अधिष्ठापन सही ढंग से करने और धान अधिप्राप्ति कार्य को समयबद्ध तरीके से संपन्न करने के निर्देश दिये गये.

भुगतान और गुणवत्ता पर निगरानी

पूर्व वर्ष की धान अधिप्राप्ति के भुगतान की स्थिति की समीक्षा कर जिला आपूर्ति पदाधिकारी को शत-प्रतिशत भुगतान सुनिश्चित करने के निर्देश दिये गये. डीसी ने धान खरीदारी के दौरान गुणवत्ता, वजन और सभी दस्तावेजों के सत्यापन के लिए ई-पॉश मशीन के प्रयोग पर भी बल दिया. बैठक में डीडीसी दीपक कुमार दूबे, एसी प्रेमलता मुर्मू, एसडीओ बैद्यनाथ उरांव, महागामा के आलोक वरण केसरी, जिला भू-अर्जन पदाधिकारी रितेश जयसवाल, जिला कृषि पदाधिकारी अभिजीत शर्मा और जिला सहकारिता पदाधिकारी विजय कुमार नाग सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे.

डीसी की अध्यक्षता में आत्मा शासकीय निकाय की बैठक आयोजित

समाहरणालय सभागार में डीसी अंजली यादव की अध्यक्षता में आत्मा शासकीय निकाय की बैठक आयोजित की गयी. बैठक में कृषि, उद्यान, पशुपालन एवं मत्स्य विभाग से संबंधित योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गयी और वर्ष 2024-25 में संचालित कार्यक्रमों एवं योजनाओं की उपलब्धियों का आकलन किया गया. बैठक में वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए स्वीकृत कार्ययोजना के सफल क्रियान्वयन पर बल दिया गया. अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि योजनाओं का लाभ अधिक से अधिक किसानों तक पारदर्शिता के साथ समय पर पहुंचाया जाये और निर्धारित लक्ष्यों की पूर्ति सुनिश्चित की जाये. बैठक में किसानों के प्रशिक्षण, फील्ड डेमोंस्ट्रेशन, कृषि उपकरण वितरण, बीज उत्पादन एवं वितरण, फसल विविधीकरण, महिलाओं के लिए खाद्य सुरक्षा समूह, किसान गोष्ठी, कृषक-वैज्ञानिक संवाद, कृषि प्रदर्शनी और मेलों आदि विषयों पर विशेष चर्चा की गयी. जिले में अच्छी खेती के लिए किसानों को विभिन्न जिलों एवं अंतरराज्यीय क्षेत्रों में प्रशिक्षण के लिए भेजने पर चर्चा की गयी, ताकि किसान नयी विधियों और तकनीकों को अपनाकर अपनी खेती में सुधार कर सकें. कृषि प्रौद्योगिकी प्रबंधन अभिकरण आत्मा गोड्डा और जिला कृषि विज्ञान केंद्र द्वारा संयुक्त रूप से तैयार की गयी आत्मा गोड्डा वार्षिक प्रगति प्रतिवेदन पुस्तिका का विमोचन किया गया. इस पुस्तिका के माध्यम से किसानों को खेती से जुड़े महत्वपूर्ण जानकारी के अलावा जलवायु आधारित खेती में सहायता मिलेगी. बैठक में सुंदरपहाड़ी क्षेत्र के बरबटी एवं मखाना की खेती को बढ़ावा देने के लिए किसानों को प्रशिक्षण देने के लिए संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिये गये.

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By Sanjeet kumar

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