महागामा नगर पंचायत में 10 मार्च को होने वाले उपाध्यक्ष पद के चुनाव को लेकर सियासी हलचल तेज हो गयी है. नगर निकाय चुनाव समाप्त होने के बाद सभी की नजरें अब उपाध्यक्ष की कुर्सी पर टिक गयी हैं. जानकारी के अनुसार, महागामा नगर पंचायत क्षेत्र से कुल 17 वार्ड पार्षद निर्वाचित हुए हैं. उपाध्यक्ष पद पर जीत हासिल करने के लिए किसी भी उम्मीदवार को स्पष्ट बहुमत की आवश्यकता होगी. इस लिहाज से संभावित दावेदार पार्षद व्यक्तिगत संपर्क साधकर अपने पक्ष में माहौल बनाने में जुटे हुए हैं. कई वार्ड पार्षद पहले ही उपाध्यक्ष बनने की इच्छा जता चुके हैं और अपने समर्थन का दावा कर रहे हैं. राजनीतिक दल भी इस पद को प्रतिष्ठा का प्रतीक मानकर अपने समर्थित पार्षदों को एकजुट रखने और क्रॉस वोटिंग की संभावना रोकने के लिए लगातार बैठकें कर रहे हैं. इस दौरान नगर क्षेत्र में विकास कार्यों को गति देने के लिए सक्षम और अनुभवी नेतृत्व की आवश्यकता पर भी चर्चा हो रही है. क्षेत्रवासियों की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि उपाध्यक्ष पद पर कौन काबिज होगा और वह नगर के विकास के लिए कौन-सी योजनाएं पेश करेगा. फिलहाल महागामा नगर पंचायत की राजनीति में जोड़-तोड़ और समीकरणों का दौर जारी है. आने वाले दिनों में स्पष्ट हो जाएगा कि उपाध्यक्ष की कुर्सी किसके हिस्से में जाती है, लेकिन अभी से राजनीति गतिविधियां अपने चरम पर पहुंच चुकी हैं.
महागामा नगर पंचायत में उपाध्यक्ष पद को लेकर सियासी सरगर्मी तेज
वार्ड पार्षदों के समर्थन की कवायद, राजनीतिक दलों ने बनायी रणनीतियां
