पारित हो नशाखोरी निषेधक विधेयक
विराेध समाज सुधार मंच ने नशाखोरी के खिलाफ समाहरणालय के समक्ष दिया धरना... गोड्डा : समाहरणालय के समक्ष समाज सुधार मंच की ओर से मंगलवार को नशाखोरी के खिलाफ एक दिवसीय धरना दिया गया. इसका नेतृत्व मंच के अध्यक्ष सतीश चंद्र पाठक ने किया. उन्होंने कहा कि समाज के लोग नशा के गिरफ्त में आ […]
विराेध समाज सुधार मंच ने नशाखोरी के खिलाफ समाहरणालय के समक्ष दिया धरना
गोड्डा : समाहरणालय के समक्ष समाज सुधार मंच की ओर से मंगलवार को नशाखोरी के खिलाफ एक दिवसीय धरना दिया गया. इसका नेतृत्व मंच के अध्यक्ष सतीश चंद्र पाठक ने किया. उन्होंने कहा कि समाज के लोग नशा के गिरफ्त में आ रहे हैं. नशा युवा को खोखला बनाने का कार्य कर रहा है. शराब का झारखंड में पूरी तरह से प्रतिबंध लगाने की दिशा में सरकार को प्रयास करने की जरूरत है. सचिव लतीफ अंसारी ने कहा कि मंच की ओर से समय-समय पर लोगों को नशा की बुराइयों के प्रति जागरूक करने का काम किया जाता है. ताकि शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों में लोग नशा का सेवन करना बंद कर दें. सरकार को शराब बंद करने के दिशा में कार्य करने की आवश्यकता है.
मांगों का ज्ञापन डीसी को सौंपा: धरना के बाद मंच के एक प्रतिनिधि मंडल ने डीसी से मुलाकात की. इस दौरान उन्हें राज्यपाल के नाम चार सूत्री मांग का ज्ञापन सौंपा. ज्ञापन में झारखंड सरकार से नशाखोरी निषेधक विधेयक पारित कर प्रशासनिक स्तर से बंद करने, मद्य-निषेध का उल्लघंन करने वालों को दंडित करने, हर विद्यालय व महाविद्यालय स्तर पर मद्य निषेध संबंधी जागरूकता पैदा करने को लेकर कार्यक्रम का आयोजन करने, शराब ब्रिकी पर रोक लगाने की मांग की गयी है.
नशा के कारण महिलाओं पर हो रहा अत्याचार
मंच सदस्य हरधन महतो ने कहा कि नशाखोरी से महिलाओं पर अत्याचार हो रहा है. दारू के कारण गांव गांव में घर टूट रहा है. इसे अविलंब बंद कराने की दिशा में प्रयास की जानी चाहिए. इस अवसर पर मो करीम, मनोज महतो, रामलाल सोरेन, दीवाकर महतो, आलम अंसारी, रहीम अंसारी, सनोज महतो, अकरम अंसारी, राजेंद्र महतो, जितेंद्र महतो, दीपक महतो आदि थे.
