महेशपुर में कोयला मािफया सक्रिय, प्रशासन मौन

महेशपुर : प्रशासन की लाख कोशिशों के बावजूद महेशपुर प्रखंड में अवैध रूप से कोयले का धंधा रुकने का नाम ही नहीं ले रहा है. दूसरे शब्दों में कहा जाय कि अवैध रूप से कोयला पश्चिम बंगाल ले जाकर बेचने के लिए महेशपुर सेफ जोन माध्यम बना हुआ है तो शायद कोई अतिश्योक्ति नहीं होगी. […]

महेशपुर : प्रशासन की लाख कोशिशों के बावजूद महेशपुर प्रखंड में अवैध रूप से कोयले का धंधा रुकने का नाम ही नहीं ले रहा है. दूसरे शब्दों में कहा जाय कि अवैध रूप से कोयला पश्चिम बंगाल ले जाकर बेचने के लिए महेशपुर सेफ जोन माध्यम बना हुआ है तो शायद कोई अतिश्योक्ति नहीं होगी.

हालांकि समय-समय पर वन विभाग द्वारा ठेलों, साइकिल व मोटरसाइकिल पर लदे अवैध कोयले को वन विभाग द्वारा जब्त किए जाने की कार्रवाई की गई है. इस कार्रवाई के बाद कोयले के अवैध कारोबार से जुड़े लोगों द्वारा महेशपुर-सोनारपाड़ा मुख्य सड़क के बदले, महेशपुर-पाकुड़िया मुख्य सड़क को अवैध धंधे का रूख बना लिया है. जानकार सूत्रों की मानें तो अवैध कोयले का असली खेल प्रखंड के खुफिया रास्तों के माध्यम से चलता है.
इस संबंध में सबसे अहम तथ्य यह है कि, कोयला के अवैध कारोबार से जुड़े लोगों को पुलिस के नाम का गलत इस्तेमाल कर कई छुटभैये किस्म के तथाकथित लोग धौंस दिखाकर पैसे भी वसूलते हैं. सनद रहे कि रोजाना करीब पचास से सौ अवैध कोयला लदी मोटरसाइकिलें रोजाना महेशपुर प्रखंड के खुफिया रास्तों से पश्चिम बंगाल की ओर जाती हैं. इतना ही नहीं, प्रखंड क्षेत्र में चल रहे सैकड़ों ईंट भट्ठों का अस्तित्व भी इसी अवैध कोयले के भरोसे टिका हुआ है. सबसे अहम तथ्य तो यह है कि ऐसे अवैध कोयला लदे मोटरसाइकिलों के कारण कई सड़क दुर्घटनाएं भी हो चुकी हैं. कुछ की मौत भी हुई हैं.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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