महागामा प्रखंड के हनवारा हाट में स्वच्छ भारत मिशन के तहत लाखों रुपये की लागत से निर्मित सामुदायिक शौचालय अपनी बदहाली पर आंसू बहा रहा है. निर्माण के लगभग पांच वर्ष बाद भी यह शौचालय आम लोगों के उपयोग में नहीं आ सका है. शौचालय पर हमेशा ताला लटका रहता है और यह केवल शोभा की वस्तु बनकर रह गया है. स्थानीय लोगों के अनुसार, हनवारा हाट में सप्ताह में तीन दिन भीड़ लगती है. ऐसे में यदि किसी को शौच की आवश्यकता पड़ती है तो उन्हें मजबूरन खुले में जाना पड़ता है. सामूहिक आयोजनों के दौरान भी यह शौचालय किसी काम का नहीं रह जाता. ग्रामीणों ने बताया कि निर्माण संवेदक द्वारा तो करा दिया गया, लेकिन इसके रखरखाव और संचालन की कोई व्यवस्था नहीं की गयी. लंबे समय से उपयोग नहीं होने के कारण शौचालय की दीवारों का रंग झड़ने लगा है और भवन धीरे-धीरे खंडहर में तब्दील हो रहा है. साफ-सफाई के अभाव में इसकी स्थिति और भी दयनीय हो गयी है. ग्रामीणों ने मंत्री दीपिका पांडेय सिंह से आग्रह किया है कि बंद पड़े इस सामुदायिक शौचालय को अविलंब चालू कराया जाये, ताकि आमजन को इसका लाभ मिल सके और स्वच्छता अभियान का उद्देश्य पूरा हो सके.
निर्माण के पांच साल बाद भी शौचालय आमजन के लिए बंद
हनवारा हाट का सामुदायिक शौचालय बना सरकारी राशि की बर्बादी
