पटना में चिकित्सकों ने मौत का कारण बताया मानसिक आघात
तीन दिन पूर्व एक साल की अवैतनिक छुट्टी दी थी प्रधानाचार्य ने
एटेंडेंस रजिस्टर से भी हटा दिया था विद्यालय ने नाम
गोड्डा : स्थानीय लोहिया नगर के रहने वाले बाल विकास विद्यालय के शिक्षक मनोज कुमार वर्मा की मौत शनिवार की रात पटना में इलाज के दौरान हो गयी. जानकारी स्व वर्मा के भाई नीरज वर्मा ने दी है. बताया कि खराब हालत में मनोज वर्मा को इलाज के लिये पटना ले जाया गया था. चिकित्सकों ने मौत का कारण हाइपरटेंशन बताया है. मनोज के छोटे भाई नीरज वर्मा ने बताया कि भाई मनोज वर्मा सरकार से अनुदान प्राप्त बाल विकास विद्यालय में शिक्षक के पद पर करीब 12 -13 वर्षों से कार्यरत थे. लगातार अपनी सेवा हर दिन सात-सात घंटी बच्चों को पढ़ा कर दे रहे हैं. गत 21 नवंबर को विद्यालय प्रधानाचार्य ने अवैतनिक लंबी छुट्टी देते हुए रजिस्टर से नाम भी हटा दिया.
इस क्रम में मनोज वर्मा द्वारा अपना पक्ष रखते हुए बताया था कि उनकी तबीयत पहले खराब थी, अभी ठीक है. मनोज वर्मा ने प्रधानाचार्य रविंद्र कुमार गुप्ता को चिकित्सक से दिये गये फिटनेश सर्टिफिकेट दिखाये जाने के बावजूद उनकी एक नहीं सुनी गयी. सीधे स्कूल से छुट्टी दे दी गयी. इस घटना के बाद वो घर आये उनकी तबीयत बिगड़ी और पटना में मौत हो गयी. नीरज वर्मा ने भी स्कूल जाकर अपने भाई को ऐसे निकाले जाने पर आपत्ति की थी. भाई नीरज वर्मा ने अारोप लगाया है कि भाई के मौत के मौत का कारण स्कूल से निकाला जाना है. कहा : लिखित आवेदन विद्यालय प्रबंध कमेटी के साथ एसडीओ गोड्डा व डीसी को दे रहे हैं.
”1999 में मनोज वर्मा को विद्यालय में शिक्षक पद पर नियुक्त किया गया था. 2013 से केंसर की बीमारी से पीड़ित थे. गत दिनों इलाज के लिये सहयोग राशि के साथ छुट्टी दी गयी थी, आरोप निराधार है.
– अनुप लाल प्रसाद, सचिव विद्यालय प्रबंध कमेटी.
