37 वर्षों से जर्जर तारों पर टिकी बिजली

गोड्डा : जिले में जर्जर हो चुके बिजली तारों व इंसुलेटर के कारण आये दिन घंटों बिजली गुल रहती है. जिले में तकरीबन 37 सालों से जर्जर बिजली तारों व पोलों को नहीं बदला गया है. 33 केवी तो फॉल्ट हो रही है साथ ही 11 केवी के तारों की भी स्थिति जर्जर है. जो […]

गोड्डा : जिले में जर्जर हो चुके बिजली तारों व इंसुलेटर के कारण आये दिन घंटों बिजली गुल रहती है. जिले में तकरीबन 37 सालों से जर्जर बिजली तारों व पोलों को नहीं बदला गया है. 33 केवी तो फॉल्ट हो रही है साथ ही 11 केवी के तारों की भी स्थिति जर्जर है. जो कई सालों से बदला नहीं गया है. पूर्व में जितने जगह भी 11 केवी के तार लगाये गये थे,

अब उनकी क्षमता घट सी गयी है. इस कारण लोड बढ़ रहा है. पुरानी तारों पर ही नया लोड डाल दिया गया है. इस कारण भी आये दिन 11 केवी का तार टूट रही है. एलटी लाइन के तारों की हालत भी कम खराब नहीं है. हर दिन पांच से छह घंटे सिर्फ एलटी तार व 11 केवी के तार को दुरुस्त करने में ही समय बीतता है. विभाग की ओर से नये पोल व तार की व्यवस्था नहीं की गयी बल्कि पुरानी तारों पर ही लोड डाल दिया गया. जबकि पूर्व की उपेक्षा 10 गुणा उपभोक्ताओं की संख्या बढ़ी है. इसलिए भी आये दिन फॉल्ट की समस्याएं होती रहती है.

विभाग कर रही मेंटेनेंस, जनता भुगत रही टेंशन
कछुए की रफ्तार से चल रहा है तार बदलने का काम
पुराने तारों पर पहले की अपेक्षा 10 गुणा बढ़ा है भार
एआरपी-डीआरपी के तहत किया जाना है काम
विभाग की माने तो एआरपी डीआरपी के तहत पूरे शहर में काम किया जाना है. जिसमें नये पोल, ट्रांसफाॅर्मर आदि लगाये जाने हैं. इसके लिए काम भी शुरू हो गया है, लेकिन जिस हिसाब से काम किया जा रहा है वह भगवान भरोसे ही है. संवेदक कछुए की गति से काम कर रहे हैं. ऐसे में साल भर पूरा होने के बाद भी शहरी क्षेत्र में काम पूरा होने में संदेह है.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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