ग्रामीण क्षेत्र में बेहतर स्वास्थ्य देने का विभागीय दावा खोखला साबित हो रहा है. 27 लाख की लागत से उपस्वास्थ्य केंद्र तो बना दिया गया है, पर चिकित्सकों का पदस्थापन नहीं होने के कारण मरीजों का इलाज नहीं हो पा रहा है.
गोड्डा : ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाएं दुरुस्त करने का विभागीय दावा खोखला साबित हो रहा है. लाखों खर्च कर उपस्वास्थ्य केंद्र का निर्माण तो कर दिया गया है. पर चिकित्सकों का पदस्थापन नहीं होने के कारण मरीजों का इलाज नहीं हो पा रहा है.
हाल के दिनों में पथरगामा प्रखंड क्षेत्र के गांधीग्राम उपस्वास्थ्य केंद्र का भवन शोभा की वस्तु बन गया है. संस्थागत प्रसव नहीं हो रहा है.
एएनएम टीकाकरण कार्य में ही व्यस्त रहती है. इलाज कराने मरीज आते हैं तो केंद्र में ताला लटका रहता है. शनिवार को भी केंद्र में ताला लटका था. गोड्डा-महगामा मुख्य मार्ग एनएच133 के किनारे ही एनआरएचएम के मद करीब 27 लाख की लागत से भवन का निर्माण कराया गया है. किंतु भवन निर्माण के उद्देश्य पूर्ति करने में सरकारी तंत्र पूरी तरह से विफल है. प्रशासनिक स्तर पर बेहतर पहल नहीं होने के कारण उपस्वास्थ्य केंद्र में अभी भी कई तरह की त्रुटियां रह गयी है.
उप स्वास्थ्य केंद्र में पानी व बिजली की समस्या है. केंद्र में दोनों ही सुविधा काफी महत्वपूर्ण है. सुविधाएं अपडेट नहीं हो पायी है. इतना नहीं नहीं जिस मकसद से लाखों की राशि से उपस्वास्थ्य केंद्र भवन का निर्माण कराया गया. वह अधूरा है. गांधीग्राम व आसपास के करीब दो दर्जन गांव की गर्भवती माताओं को प्रसव कार्य हेतु पथरगामा सीएचसी या सदर अस्पताल जाना पड़ रहा है. जनप्रतिनिधि भी उदासीन बने हैं.
बिजली व पानी की भी सुविधा नहीं
गांधीग्राम उप स्वास्थ्य केंद्र में प्रसव सुविधा नहीं मिलने के कारण प्रसव पीड़िता को 17 किमी दूरी तय सदर अस्पताल जाना पड़ता है. स्थानीय लोगों ने जल्द से जल्द उप स्वास्थ्य केंद्र में बिजली व पानी की व्यवस्था करने तथा प्रसव कार्य की सुविधा दिये जाने की मांग डीसी से की है.
”पुराने भवन से उप स्वास्थ्य केंद्र को हाल के दिनों में शिफ्ट कराया गया है. शनिवार को टीकाकरण कार्य के लिए एक एएनएम को क्षेत्र में जाना पड़ता है. इसके अलावा 12 बजे के बाद दूसरी एएनएम को सहयोग के लिए क्षेत्र में जाना होता है. बिजली के मामले में उपायुक्त के संज्ञान में मामला है. जल्द ही उपस्वास्थ्य केंद्र में संस्थागत प्रसव की व्यवस्था सुनिश्चित करायी जायेगी.”
-डॉ बनदेवी झा, सीएस
