महिला के घर में ही मिले कटे बाल व कैंची

शिकारीपाड़ा : प्रखंड पुलिस के समक्ष जुड़वां बच्चे की हत्या करने वाली समाप्ति साहा ने पुलिस को बताया कि मन की शांति के लिये उसने स्वयं अपने दोनों दुध मुंहे बच्चों को बारी-बारी से घर के आंगन में बने कुएं में फेंक दिया. बच्चे को मारने का अपराध बोध होते ही प्रायश्चित के लिये स्वयं […]

शिकारीपाड़ा : प्रखंड पुलिस के समक्ष जुड़वां बच्चे की हत्या करने वाली समाप्ति साहा ने पुलिस को बताया कि मन की शांति के लिये उसने स्वयं अपने दोनों दुध मुंहे बच्चों को बारी-बारी से घर के आंगन में बने कुएं में फेंक दिया. बच्चे को मारने का अपराध बोध होते ही प्रायश्चित के लिये स्वयं ही अपनी चोटी काट ली. काटी गयी चोटी के बाल को उसने एक बैग में डाल कर बेडरूम में ही टांग दिया था. जबकि कैंची घर में ही रख कर पलंग पर सो गयी थी.

स्वस्थ थी महिला : जिस वक्त उसे शुक्रवार को सदर अस्पताल लाया गया था, उस वक्त उसकी जांच की गयी थी, तब डाॅक्टरों ने उसके बिल्कुल स्वस्थ पाया था.
बयानों में ही जाहिर हो गया था विरोधाभास : शुरुआत से ही मामले में जिस तरीके की बातें सामने आ रही थी, वह कई बिंदुओं पर शंका पैदा कर रही थी. शिकारीपाड़ा थाना से 100 मीटर की दूरी पर और बीच बाजार में किसी बाहरी व्यक्ति का घर में घुसने और अपराध को अंजाम देने की बात वह भी तब जब घर में लोग मौजूद थे, खुद सवाल खड़े कर रहे थे.
छह माह पहले की थी आत्महत्या की कोशिश
समाप्ति साहा ने पुलिस के समक्ष खुलासा किया कि गर्भवती होने पर छठे माह में ही उसे जुड़वां बच्चे गर्भ में होने की जानकारी हो गयी थी. जुड़वां बच्चे के पालन-पोषण को लेकर मन में हमेशा अशांति छायी रहती थी. इसी कारण से 6 माह पूर्व उसने नींद की गोली खाकर मरने का भी प्रयास किया था. समाप्ति साहा ने घर के किसी भी सदस्य का इस घटना में दोष नहीं बताते हुए बच्चों के लालन-पालन की चिंता व विषाद के कारण बच्चों को कुएं में फेंकने की बात स्वीकार की है.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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