घटना के बाद से फरार परिवार चल रहा था. जानकारी के अनुसार बीते 20 जून को भरकट्टा ओपी क्षेत्र के बलगो गांव में गुलेशा खातून (23) का शव उसकी ससुराल से संदेहास्पद स्थिति में बरामद किया गया था. मृतका के पिता शकूर अंसारी ने ससुराल पक्ष के लोगों पर दहेज उत्पीड़न और हत्या का आरोप लगाते हुए भरकट्टा ओपी में आवेदन दिया था. आवेदन में मृतका के पति एनुल अंसारी और भाभी शबनम परवीन को नामजद किया गया था. घटना के बाद से ही पति सपरिवार घर छोड़कर फरार हो गया था. बगोदर-सरिया के एसडीपीओ धनंजय राम के नेतृत्व में विशेष टीम गठित की गयी थी.
दबाव के बीच छुपकर रहना मुश्किल हो गया
कुछ दिनों बाद भरकट्टा ओपी प्रभारी अमन कुमार सिंह को मृतका के पति एनुल अंसारी के नेपाल-बिहार बॉर्डर के सीतामढ़ी इलाके में छुपे होने की सूचना मिली थी. इसी आधार पर पुलिस ने छापेमारी कर उसे गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था. हालांकि आरोपी महिला शबनम पुलिस की गिरफ्त से बचती रही. बताया गया कि पुलिस के लगातार दबाव और निगरानी के बीच शबनम पचंबा क्षेत्र में एक संबंधी के यहां छुपकर रह रही थी. अंततः शुक्रवार को उसने पचंबा थाना में आत्मसमर्पण कर दिया.
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