Giridih News: बिना सुरक्षा किट के जान जोखिम में डालकर फॉल्ट ठीक करते हैं विद्युत संविदा कर्मी

Giridih News: आधुनिकता की इस दौर में बिजली आवश्यक संसाधनों में एक है. इसकी आपूर्ति के लिए विद्युत विभाग का डिवीजन व सब डिवीजन कार्यालय है. इसके लिए अधिकारियों व कर्मचारियों की नियुक्ति की गयी है. पावर ग्रिड व पावर सब स्टेशन बनाये गये हैं. लोगों को पर्याप्त तथा नियमित बिजली मिल सके इसके लिए आउटसोर्सिंग कर्मियों की नियुक्ति की गयी है.

सरिया स्थित विद्युत सब डिवीजन के अंतर्गत सरिया, खंभरा, अंबाडीह, बगोदर, मुंडरो तथा औरा इन छह जगहों पर सब स्टेशन हैं. इन सभी उप केंद्रों में ऑपरेटर, हेल्पर, लाइनमैन, फील्ड स्टाफ की संख्या लगभग 50 है. फॉल्ट ठीक करते समय विद्युत कर्मी किसी दुर्घटना का शिकार ना हो, इसके लिए विभाग द्वारा उन्हें सुरक्षा किट देने की व्यवस्था है. इसमें जूते, ग्लब्स, हेलमेट, सेफ्टी बेल्ट, रेनकोट, टॉर्च, लाइट, वर्दी, टोपी, सीढ़ी, अर्थिंग चेन आदि शामिल हैं. लेकिन विभाग इन्हें सुरक्षा किट उपलब्ध नहीं कराया है. मजबूरी में बिना सुरक्षा किट के ये कर्मी बिजली के खंभे या ट्रांसफॉर्मर आदि पर चढ़कर कार्य करने को मजबूर हैं.

पूर्व में हो चुकी है कई घटनाएं

पूर्व में सेफ्टी किट के अभाव में सरिया के एक विद्युत कर्मी की मौत कार्य के दौरान बिजली के खंभे से गिरने से हो गयी थी. वहीं, एक अन्य कर्मी भी कार्य करने के दौरान पोल से गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गया था. वह दिव्यांग हो गयी. बताया जाता है कि वर्तमान में बिजली विभाग की व्यवस्था ज्यादातर संविदा कर्मियों के भरोसे है. इसके लिए प्राइवेट कंपनियां प्रक्रिया पूर्ण करते हुए संविदा कर्मियों की तैनात करते हैं.

प्रत्येक वर्ष है किट देने का प्रावधान

कर्मियों ने बताया कि सरिया विद्युत सब डिवीजन में कार्यरत आउटसोर्सिंग कर्मी एनके इलेक्ट्रिकल कंपनी गिरिडीह के अंतर्गत काम करते हैं. सुरक्षा किट प्रत्येक वर्ष देने का नियम है. लेकिन, पिछले 10 वर्षों में दो बार कर्मियों को सुरक्षा किट उपलब्ध कराया गया है. सुरक्षा किट के अभाव में जान जोखिम में डालकर विद्युत कर्मी कार्य करने को मजबूर है. विभागीय अधिकारियों का सुरक्षा देने का दावा भी कागजों तक ही सीमित है. आउटसोर्सिंग कर्मियों ने नाम नहीं छापने की शर्त पर बताया कि बरसात के दिनों में प्रतिदिन कहीं ना कहीं बिजली के उपकरण खराब होते रहते हैं. पोल पर या अन्य जगहों पर फॉल्ट मिलने की सूचनाओं मिलते रहती हैं. बिना सुरक्षा किट के पोल पर चढ़ा दिया जाता है. ऐसे में कर्मी जान हथेली पर रखकर अपनी जिम्मेदारी निभाते हैं.

क्या कहते हैं एसडीओ

इस संबंध में विद्युत सब डिवीजन सरिया के एसडीओ राकेश कुमार ने बताया कि उन्हें योगदान देने में मात्र दो महीना हुआ है. सुरक्षा किट की कमी की जानकारी उन्हें नहीं है. उन्होंने बताया कि संबंधित कंपनी के प्रबंधक से बातचीत कर बरसात के पूर्व सभी कर्मियों को सुरक्षा किट उपलब्ध करा दिया जायेगा.

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Author: MAYANK TIWARI

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