Giridih News: एक शिक्षक की इच्छा शक्ति ने बदल दी सरकारी स्कूल की तस्वीर

Giridih News: मध्याह्न भोजन के बाद अधिकांश बच्चे विद्यालय से गायब हो जाते थे. प्रभार संभालते ही श्री राय ने पहली ही मीटिंग में विद्यालय प्रबंध समिति सदस्यों और ग्रामीणों को अपना स्पष्ट संदेश दिया कि मैं ना खाऊंगा और ना ही खाने दूंगा. आज तक इस सिद्धांत पर अडिग होकर चलने का प्रयास कर रहे हैं.

चार वर्ष पूर्व जब वरुण राय ने उमवि विशनपुर का प्रभार संभाला था, तो विद्यालय की स्थिति काफी दयनीय थी. विद्यालय परिसर जुआ और आवारा पशुओं का अड्डा बना हुआ था. विद्यालय का भवन काफी जर्जर था. बच्चों की उपस्थिति भी सीमित थी. मध्याह्न भोजन के बाद अधिकांश बच्चे विद्यालय से गायब हो जाते थे. प्रभार संभालते ही श्री राय ने पहली ही मीटिंग में विद्यालय प्रबंध समिति सदस्यों और ग्रामीणों को अपना स्पष्ट संदेश दिया कि मैं ना खाऊंगा और ना ही खाने दूंगा. आज तक इस सिद्धांत पर अडिग होकर चलने का प्रयास कर रहे हैं. उन्होंने अपने चार साल के प्रभार में ही सरकारी स्कूल की परिभाषा बदल दी है. आज यह विद्यालय अभिभावकों की पहली पसंद है. कई मायने व सुविधाओं में नामी निजी विद्यालयों को भी पीछे छोड़ चुका है. विभागीय अधिकारी से लेकर, शिक्षक, ग्रामीण, अभिभावक और पूर्ववर्ती से लेकर वर्तमान छात्र भी इस विद्यालय की प्रशंसा करते हैं. कोरोना काल में भी जब लोगों पर संकट छाया था. प्रधानाध्यापक श्री राय ने अपने साथी शिक्षकों के साथ आधुनिक सुविधाविहीन अति पिछड़ी जाति मुसहर टोला में ही प्रोटोकाल को ध्यान में रखकर मुहल्ला क्लास का निरंतर संचालन किया और बच्चों को शिक्षा से जोड़े रखा.

वन स्टार से फाइव स्टार पर पहुंचा विद्यालय

श्री राय प्रयास से विद्यालय के सभी कमरे बिजली व पंखे से सुसज्जित हैं. परिसर फूल-पौधों से हरा-भरा है, जो लोगों को आकर्षित करता है. स्थिति यह है कि निजी विद्यालयों से नाम कटकर दर्जनों बच्चों ने यहां नामांकन कराया है. वर्तमान में यह विद्यालय लाइब्ररी, बच्चों के झूले, वाटर कूलर, वायर फेंसिंग, पेबर ब्लाक, वाटर हार्वेस्टिंग, कंप्यूटर क्लास, स्मार्ट क्लास, प्रोजेक्टर क्लास व डिजिटल क्लास की सुविधा से सज्जित है. विद्यालय के डिजिटल क्लास में बेंगलुरु, पटियाला, कोलकाता, पुणे, चेन्नई और विशाखापट्टनम से संपर्क कर स्वयंसेवी शिक्षकों के सहयोग से बच्चों को नियमित रूप से एआई, अंग्रेजी, विज्ञान, गणित और अंग्रेजी स्पोकेन की कक्षा का संचालन कराते हैं, जो इस क्षेत्र के लिए एक अनूठा प्रयोग है. अपने पॉकेट से पैसे लगा देना या किसी जरूरतमंद बच्चों को यूनिफॉर्म उपलब्ध कराना इनके लिए आम बात है. इन्होंने विद्यालय में अनुशासन और शैक्षणिक माहौल को तैयार कर विद्यालय को वन स्टार से फाइव स्टार में पहुंचाया. विद्यालय के बच्चे भी प्रतिवर्ष छात्रवृति, नवोदय विद्यालय समेत अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता प्राप्त कर रहे हैं. उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए श्री राय को शिक्षक गौरव सम्मान, नवाचारी गतिविधियों के लिए राष्ट्रीय शिक्षा रत्न पुरस्कार 2023 सहित कई सम्मान मिले हैं.

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Author: MAYANK TIWARI

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