बगोदर वन क्षेत्र में जंगली हाथियों का उत्पात लगातार तीसरे दिन भी जारी है. मंगलवार की देर रात हाथियों के झुंड ने अटका क्षेत्र के लक्षीबागी में जमकर उत्पात मचाया और किसानों की तैयार हो रही धान की फसल को रौंदकर बर्बाद कर दिया. हाथियों ने धान के बिहन, गन्ने की फसल समेत अन्य फसलों को भी नुकसान पहुंचाया. इसके अलावा कई जगहों पर चाहरदीवारी भी क्षतिग्रस्त कर दी.
तीन दिनों से अटका क्षेत्र में डटा है झुंड
स्थानीय लोगों के अनुसार करीब 22 हाथियों का झुंड पिछले तीन दिनों से अटका क्षेत्र में ही डटा हुआ है. रात के समय हाथियों के खेतों में पहुंचने से ग्रामीणों में दहशत का माहौल है. किसान अपने खेतों में जाने से भी डर रहे हैं. हाथियों के लगातार विचरण से लोगों को जान-माल की चिंता सता रही है.
अब तक हाथियों ने रमेश मेहता, धनेश्वर मेहता, रंजीत मेहता, पवन मेहता, लालू मेहता, दिलीप मेहता, भुवनेश्वर मेहता, छोटी मेहता, मेघलाल मेहता, लक्ष्मण मेहता, नागेश्वर मेहता और जय नारायण मेहता समेत कई किसानों की फसलों को नुकसान पहुंचाया है.
वन विभाग की कार्रवाई नहीं होने से नाराजगी
लगातार फसलों को हो रहे नुकसान के बावजूद वन विभाग की ओर से प्रभावी कार्रवाई नहीं होने का आरोप ग्रामीण लगा रहे हैं. इससे किसानों में विभाग के प्रति नाराजगी बढ़ती जा रही है. किसानों का कहना है कि हाथियों के झुंड को सुरक्षित तरीके से क्षेत्र से बाहर निकालने के लिए वन विभाग को तत्काल पहल करनी चाहिए.
हाथियों के कारण किसानों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है. ग्रामीणों ने वन विभाग से हाथियों को आबादी वाले क्षेत्रों से दूर करने, प्रभावित इलाकों में निगरानी बढ़ाने और फसल नुकसान का आकलन कर प्रभावित किसानों को मुआवजा देने की मांग की है.
