हवा चलने से धान की फसल खेत में गिर गयी है. कई खेतों में फसल अंकुरित होने लगी है. वहीं, आलू, फूलगोभी, बंधा गोभी, टमाटर, हरी मिर्च व बैगन को क्षति पहुंची है. सब्जी की फसल लगे खेतों में पानी भर जाने से पौधे खराब हो गये हैं. किसान डीलचंद वर्मा, यमुना सिंह, सीताराम साव, खेमन महतो, रघुनंदन वर्मा, भुवनेश्वर महतो, खूबलाल महतो, दर्शन पंडित, लालमणि सिंह आदि ने बताया कि इस वर्ष खरीफ के समय अधिक बारिश से मक्का, कद्दू, करैला, सीम, भिंडी, झींगा, मूंग, उड़द आदि की फसल की खेती से वंचित हो पड़ा था. सिर्फ, धान की खेती ही हो पायी थी. अब धान की फसल भी बर्बाद होने की आशंका है. किसानों ने प्रशासन से तत्काल मुआवजा देने की मांग की है.
झारखंडधाम : धान की पकी फसल प्रभावित
इधर, झारखंडधाम में मोंथा चक्रवात के कारण क्षेत्र में आयी तेज आंधी-पानी ने पककर तैयार धान की फसल को काफी नुकसान पहुंचाया है. किसान बताते हैं कि इस वर्ष धान की बंपर उपज की उम्मीद थी, पर बेमौसम बरसात ने खेतों में पककर तैयार हुई फसल को काफी नुकसान पंहुचाया है. बारिश के कारण धान की फसल खेतों में गिर गयी है. नतीजन धान के सड़ जाने अथवा अंकुरित हो जाने का खतरा बढ़ गया है. किसानों ने बताया कि इस वर्ष भारी बारिश के कारण किसान भदई फसल नहीं लगा पाये थे. मानसून की वापसी के बाद किसानों ने वृहत पैमाने पर आलू, मटर, सरसो और मौसमी सब्जियों की बुआई कर दी थी. अब इस बारिश ने हाल ही में लगाई गई फसलों को भी अपनी चपेट में ले लिया. किसानों ने बताया कि पककर तैयार हुआ धान तो बर्बाद हुआ ही, ऊंची कीमत पर आलू की बीज खरीदकर बुआई करनेवाले किसान बर्बाद हो गये.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
