बिरनी प्रखंड में खरखरी मुख्य मार्ग से जुठहाआम मोड़ तक करीब चार किलोमीटर सड़क निर्माण में अनियमितता के विरोध के बाद मामला थाना पहुंच गया है. सड़क निर्माण करा रहे संवेदक अनिल सिंह के मुंशी गजेंद्र कुमार सिंह ने खरखरी के सात नामजद समेत 15 महिलाओं और अन्य लोगों पर रंगदारी मांगने का आरोप लगाते हुए बिरनी थाना में आवेदन दिया है. आवेदन मिलने के बाद पुलिस मामले की जांच में जुट गयी है.
ग्रामीणों पर काम रोकने और रंगदारी मांगने का आरोप
संवेदक के अनुसार, मुख्यमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत करीब पांच करोड़ रुपये की लागत से सड़क का कालीकरण कराया जा रहा है. खरखरी के ग्रामीण लगातार निर्माण कार्य का विरोध कर रहे हैं और कथित तौर पर काम रोक देते हैं. संवेदक का आरोप है कि ग्रामीण मजदूरों के साथ मारपीट की धमकी देते हैं और रंगदारी के रूप में पैसे की मांग करते हैं. इसी से परेशान होकर थाना में शिकायत की गयी है.
ग्रामीणों ने कहा- गुणवत्ता से हो रहा खिलवाड़
वहीं ग्रामीणों ने रंगदारी के आरोप को खारिज करते हुए कहा कि वे सड़क निर्माण की गुणवत्ता को लेकर विरोध कर रहे हैं. ग्रामीणों फुलेंद्र राय, कैलाश पांडेय, हीरामणि रविदास, सुरेंद्र पांडेय, प्रकाश पंडित, रामकिशुन दास, वचनदेव बैठा, प्रकाश राणा और दामोदर बैठा समेत अन्य का कहना है कि सड़क निर्माण के लिए उन्होंने अपनी जमीन दी है, ताकि गांव को बेहतर सड़क की सुविधा मिल सके.
ग्रामीणों का आरोप है कि गुणवत्तापूर्ण पत्थरों की जगह कमजोर और सफेद बोल्डर का इस्तेमाल किया जा रहा है. सड़क के दोनों किनारों पर तकनीकी मानक के अनुसार करीब दो फीट गहरी खुदाई की जानी चाहिए, लेकिन कथित तौर पर मात्र आठ इंच खुदाई कर काम पूरा किया जा रहा है.
तीन महीने से शिकायत, सुधार नहीं होने का आरोप
ग्रामीणों का कहना है कि पिछले तीन महीने से निर्माण कार्य में कथित गड़बड़ी की शिकायत की जा रही है. उनके अनुसार, विभागीय अधिकारी स्थल पर पहुंचकर संवेदक को सही तरीके से काम करने की हिदायत देते हैं, लेकिन अधिकारियों के लौटने के बाद फिर से अनियमितता शुरू हो जाती है. ग्रामीणों ने स्पष्ट किया कि गुणवत्तापूर्ण निर्माण होने तक उनका विरोध जारी रहेगा.
कनीय अभियंता ने रंगदारी के आरोप को बताया गलत
ग्रामीण विकास विभाग के कनीय अभियंता शमशाद ने कहा कि ग्रामीणों को सड़क निर्माण से संबंधित प्राक्कलन की जानकारी दी गयी है. उनके समझाने के बाद ग्रामीण संतुष्ट भी दिखे थे. उन्होंने बताया कि बीते शनिवार को साइट पर निरीक्षण के दौरान अनियमितता मिलने पर संवेदक को फटकार लगायी गयी थी.
कनीय अभियंता ने संवेदक की ओर से ग्रामीणों पर रंगदारी मांगने के आरोप को गलत बताया. उन्होंने कहा कि ग्रामीणों की ओर से निर्माण की गुणवत्ता को लेकर शिकायत की जा रही है.
पुलिस कर रही मामले की जांच
बिरनी थाना प्रभारी आकाश भारद्वाज ने बताया कि सड़क निर्माण करा रहे संवेदक अनिल सिंह के स्टाफ गजेंद्र कुमार सिंह की ओर से आवेदन मिला है. इसमें सात नामजद समेत 15 महिलाओं के खिलाफ रंगदारी मांगने का आरोप लगाया गया है. पुलिस मामले की जांच कर रही है. जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जायेगी.
