Giridih News :रजिस्ट्रेशन फेल होने के बाद भी विनायक अस्पताल में हो रहा इलाज

Giridih News :छोटकीखरगडीहा में संचालित श्री विनायक अस्पताल प्रावधानों को ताक पर रखकर संचालित किया जा रहा है. यहां चिकित्सकों की लंबी चौड़ी लिस्ट लगायी गयी है, लेकिन उसके स्थान पर कंपाउंडर इलाज की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं. इस अस्पताल का रजिस्ट्रेशन 15 मई 2024 को एक साल के दिया गया था. यह वर्ष 2025 में ही समाप्त हो चुका है.

नवीनीकरण का प्रमाण पत्र नहीं होने के बाद भी अस्पताल का संचालन कर यहां इलाज कराने पहुंचने वाले मरीजों की जान के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है. इलाज के लिए आयी खुरचुट्टा की रिंकी देवी की मौत के बाद अस्पताल की संचालन व्यवस्था पर सवाल खड़े हो रहे हैं.

सिविल सर्जन ने जारी किया था प्रमाण पत्र

अस्पताल में उपलब्ध प्रमाण पत्र में उल्लेख है कि श्री विनायक अस्पताल छोटकी खरगडीहा, जिसके ऑनर सत्यजीत कुमार हैं, उन्हें प्रोविजनल रजिस्ट्रेशन क्लिनिकल इस्टेब्लिसमेंट अंडर सेक्शन 15 एक्ट 2010 के तहत नर्सिंग होम, एलोपैथिक सिस्टम ऑफ मेडिसिन के लिए सिविल सर्जन गिरिडीह से जारी किया गया है. 15 मई 2024 को जारी किये गये प्रोविजनल रजिस्ट्रेशन प्रमाण पत्र में निर्गत करने के आगे एक साल के लिए वैद्य होने की बात कही गयी है. इसकी अवधि वर्ष 2025 में पूरी हो चुकी है. इसके बाद भी अस्पताल का संचालन कर सरकारी मापदंडों की अनदेखी हो रही है, जिस पर अब तक विभागीय जांच व कार्रवाई नहीं की गयी है.

प्रतिदिन होता है मरीजों का इलाज

बता दें कि श्री विनायक अस्पताल में प्रतिदिन मरीजों का इलाज किया जाता है. यहां कई अवैध कार्य के फलने फूलने की भी बात सामने आ रही है. गंभीर मरीजों को भी इलाज के लिए यहां भर्ती लिया जाता है, जबकि यहां चिकित्सकों के स्थान पर कंपाउंडर ही इलाज की जिम्मेदारी संभालते हैं. खुरचुट्टा की मृतक रिंकी देवी के परिजनों के अनुसार यहां चिकित्सक के बजाय कंपाउंडर इलाज के साथ दवा देते हैं. उसके मरीज को भी पिछले 20 दिनों से यहीं इलाज चल रहा था. जब स्थिति गंभीर हो गयी, तो आनन फानन में उसे अपनी एंबुलेंस से गिरिडीह रेफर कर दिया. यहां मौजूद कर्मियों ने बताया कि मरीज का आक्सीजन लेबल गिर गया है. ऐसे में गिरिडीह पहुंचने के पूर्व ही मरीज ने दम तोड़ दिया. परिजनों ने विभागीय अधिकारियों से जांच कर अस्पताल संचालक पर आवश्यक कार्रवाई की मांग की है.

क्या कहते हैं जनप्रतिनिधि

स्थानीय पूर्व मुखिया महेंद्र प्रसाद वर्मा, उप मुखिया मो मुस्तकीम, वार्ड सदस्य सुभाष राणा, सामाजिक कार्यकर्ता बाबूचंद साव सहित अन्य का कहना है कि सिविल सर्जन छोटकी खरगडीहा में संचालित अस्पतालों की जांच करें और जो प्रावधानों के तहत नहीं है, उसके संचालक के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई करें. कहा कि अस्पताल में मरीजों के साथ धोखा नहीं होना चाहिए. इधर सीएस डॉ बच्चा सिंह का कहना है कि मामला संज्ञान में आया है. इसकी जांच करायी जा रही है. जांच के बाद सख्त से सख्त कार्रवाई की जायेगी.

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Author: PRADEEP KUMAR

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