Giridih News: सड़क, पेयजल, चिकित्सा, शिक्षा व रोजगार की नहीं है मुक्कमल व्यवस्था

Giridih News: ग्रामीणों ने जर्जर सड़क, पेयजल, चिकित्सा, सिंचाई व लचर शिक्षा व्यवस्था पर चिंता व्यक्त की. कहा कि पंचायत में सबसे बड़ी समस्या जर्जर सड़क की है. पंचायत भवन से गांव की ओर जानेवाली सड़क की स्थिति काफी खराब है. दोनों ओर घनी आबादी होने के बावजूद सड़क कच्ची है. सड़क बरसात में दलदल में तब्दील हो गया है.

प्रभात खबर आपके द्वार की टीम गुरुवार को गावां प्रखंड की पटना पंचायत पहुंची. इसमें ग्रामीणों ने अपनी समस्या खुलकर रखी. यह पंचायत प्रखंड मुख्यालय से लगभग तीन किमी की दूरी पर स्थित है, जहां दलित व पिछड़े समुदाय की संख्या अधिक है. ग्रामीणों ने जर्जर सड़क, पेयजल, चिकित्सा, सिंचाई व लचर शिक्षा व्यवस्था पर चिंता व्यक्त की. कहा कि पंचायत में सबसे बड़ी समस्या जर्जर सड़क की है. पंचायत भवन से गांव की ओर जानेवाली सड़क की स्थिति काफी खराब है. दोनों ओर घनी आबादी होने के बावजूद सड़क कच्ची है. सड़क बरसात में दलदल में तब्दील हो गया है. वाहनों की बात तो दूर लोगों को पैदल चलने में भी परेशानी का सामना करना पड़ता है. सड़क पर जल जमाव व दलदल से मच्छर का प्रकोप भी काफी बढ़ गया है. सड़क के किनारे नाली के नहीं रहने से भी लोगों को परेशानी हो रही है.

स्कूल में शिक्षा के नाम पर होती है खानापूर्ति

ग्रामीणों ने पंचायत में शिक्षा की लचर व्यवस्था पर भी चिंता व्यक्त की. ग्रामीणों का कहना था कि यहां के स्कूल में एक-दो शिक्षक ही है. यहां पढ़ाई के नाम पर केवल खानापूर्ति की जा रही है. सक्षम परिवार के लोग प्राइवेट स्कूल में बच्चों को पढ़ा रहे हैं, लेकिन गरीब परिवार के बच्चों का भविष्य अंधकारमय होता जा रहा है. पंचायत के स्वास्थ्य उप केंद्र में ताला लटका रहता है. लोग छोटी-छोटी बीमारियों के इलाज के लिए भी प्रखंड मुख्यालय पर आश्रित हैं. पंचायत में कृषि योग्य भूमि है, लेकिन सिंचाई व्यवस्था के अभाव में पूरे वर्ष खेती नहीं हो पाती है. गांव के बगल से सकरी नदी गुजरी है, लेकिन उसका पानी को खेतों तक लाने की व्यवस्था नहीं होने के कारण रबी व गरमा फसलों की खेती नहीं के बराबर होती है.

पाइपलाइन बिछाने के बाद भी नहीं मिल रहा पानी

ग्रामीणों का कहना है कि यहां पेयजल भी बड़ी समस्या है. यहां नल जल योजना का कार्य आधा-अधूरा हैय इससे परेशानी हो रही है. बादीडीह के पास टंकी का निर्माण अभी तक पूरा नहीं हुआ है. संवेदक ने पाइप बिछाने के लिे मुहल्लों में पीसीसी सड़क को तोड़ दिया, लेकिन उसकी मरम्मत नहीं की. अब बारिश में सड़क पर जल जमाव से परेशानी हो रही है.

पलायन है बड़ी समस्या

ग्रामीणों ने क्षेत्र में रोजगार का अभाव है. इसके कारण युवकों का पलायन हो रहा है. युवक महानगरों में जाकर मजदूरी करने को विवश हैं. पंचायत में खरीफ फसल के बाद खेत बंजर हो जाते हैं. आसपास रोजगार का कोई साधन नहीं है. यहां के 50 प्रतिशत युवा घर से दूर महानगरों में रहकर मेहनत-मजदूरी करते हैं. वहीं, लंबे समय तक अपने परिजनों से कटे रहते हैं, जिससे उन्हें कष्टकर स्थिति का सामना करना पड़ता है.

क्या कहती हैं मुखिया

मुखिया किरण देवी ने कहा कि पंचायत स्तरीय योजनाओं से पंचायत में कार्य करवाया जा रहा है. मुख्य पथों के निर्माण पर विभाग को ध्यान देना चाहिए. कई बार विभाग को आवेदन दिया गया है. पंचायत के मुहल्लों में नल जल योजना से जलापूर्ति की जानी चाहिए. पाइप बिछाने के लिए कई मुहल्लों में पीसीसी को तोड़ दिया गया है. इसे शीघ्र दुरुस्त किया जाना चाहिए.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Author: MAYANK TIWARI

Digital Media Journalist having more than 2 years of experience in life & Style beat with a good eye for writing across various domains, such as tech and auto beat.

Read More

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >