नगर निगम क्षेत्र के लोगों को दो बड़ी योजनाओं का सौगात जल्द मिलने वाली है. इन दोनों सौगातों का इंतजार गिरिडीह शहरी क्षेत्र के लोग वर्षों से कर रहे हैं. जनता की आकांक्षा को पूरा करने की दिशा में नगर विकास मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू की पहल पर दो बड़ी योजनाओं के क्रियान्वयन का मार्ग प्रशस्त होता नजर आ रहा है. जानकारी के मुताबिक गिरिडीह उसरी नदी के किनारे उसरी रिवर फ्रंट का निर्माण होना है. साथ ही साथ उसरी नदी के पांच स्थानों पर सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट बनेगा. इन दोनों ही योजनाओं को लेकर डीपीआर बन चुका है और अब डीपीआर की स्वीकृति के लिए नगर विकास एवं आवास विभाग को भेजा गया है. विभागीय स्वीकृति मिलने के पश्चात इन दोनों योजनाओं का टेंडर होगा और इसके बाद योजनाओं को धरातल पर उतारने की दिशा में कार्य की जायेगी. उसरी रिवर फ्रंट लगभग 12 करोड़ की लागत से बनेगा, वहीं सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट लगभग 13 करोड़ की लागत से बनना है. चूंकि गिरिडीह की जनता पिछले कई वर्षों से उसरी रिवर फ्रंट बनाने की मांग करती रही है. नगर विकास मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू ने जनता की इस मांग की पूर्ति के लिए पहल करते हुए नगर निगम को निर्देशित किया था. कुछ माह पहले नगर विकास मंत्री ने डीपीआर बनाने वाले कंसल्टेंट कंपनी के प्रतिनिधियों के साथ नगर निगम क्षेत्र अंतर्गत उसरी नदी का दौरा किया था. उसरी रिवर फ्रंट निर्माण को लेकर स्थल का मुआयना करने के पश्चात कंसल्टेंट कंपनी को डीपीआर बनाने का निर्देश दिया गया. इसी निर्देश के आलोक में डीपीआर बनकर तैयार है.
विभागीय स्वीकृति मिलने के बाद होगा टेंडर
नगर निगम के अधिकारियों का कहना है कि विभागीय स्वीकृति मिलने के बाद दोनों योजनाओं को लेकर टेंडर की प्रक्रिया का निष्पादन किया जायेगा. नगर प्रशासक प्रशांत कुमार लायक ने बताया कि दोनों योजनाओं को लेकर डीपीआर तैयार हो गया है. इसकी स्वीकृति के लिए विभाग के पास भेजा गया है. विभागीय स्वीकृति मिलने के बाद टेंडर की प्रक्रिया होगी. इसके बाद उसरी रिवर फ्रंट और सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट निर्माण का कार्य शुरू हो जायेगा.
उसरी रिवर फ्रंट में होगी कई सुविधाएं
उसरी रिवर फ्रंट का प्राक्कलन लगभग 12 करोड़ है. इसका डिजाइन बनाकर तैयार हो गया है और इस डिजाइन को विभाग के पास स्वीकृति के लिए भेजा गया है. उसरी नदी स्थित अरगाघाट से लेकर पुराना पुल तक में यह योजना क्रियान्वित की जायेगी. इस जगह पर पार्क, जॉगिंग स्थल, लाइटिंग, ओपेन जिम, बच्चों को खेलने का साधन, बैठने की व्यवस्था समेत अन्य सुविधा उपलब्ध होगी. गिरिडीह के लोग शाम में प्रदूषण से इतर नदी के किनारे प्राकृतिक आनंद उठाने के लिए इस योजना की मांग करते रहे हैं, लिहाजा अब इस योजना को धरातल पर उतरने की उम्मीद बढ़ गयी है.
सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट से नदी के पानी को रखा जायेगा स्वच्छ
सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट के तहत गंदे नाला के पानी को शुद्ध कर नदी में छोड़ा जाएगा. लगभग 13 करोड़ की लागत से बनने वाले सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट बनखंजो से लेकर झरियागादी तक बनेगा. पांच प्लांट का निर्माण होना है. शहरी क्षेत्र के सभी नालों को इससे जोड़ा जायेगा. इसके लिए भी डीपीआर फाइनल हो गया है और स्वीकृति के लिए नगर विकास विभाग को भेजा गया है. बता दें कि सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट नहीं रहने की वजह से शहरी क्षेत्र के नालों का गंदा पानी उसरी नदी में जाता है. इससे नदी का पानी दूषित होता है. खासकर महापर्व छठ के मौके पर जब गंदा पानी नालों के जरिये इस नदी में गिरता है तो श्रद्धालुओं को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है. नगर विकास मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू ने शहरवासियों की इस समस्याओं को दूर करने की दिशा में कदम उठाते हुए सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट को स्थापित करने का निर्देश नगर निगम को दिया था. इसी के आलोक में नगर निगम ने कंसल्टेंट के जरिये डीपीआर का निर्माण कराया है. इस प्लांट के बनने से दूषित पानी को नदी में जाने से रोका जायेगा.दोनों महत्वपूर्ण परियोजनाओं को धरातल पर उतारने का प्रयास : सुदिव्य
नगर विकास मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू ने कहा कि सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट उसरी नदी को साफ रखने के लिए सबसे महत्वपूर्ण है. इसकी ओर हमलोगों ने पहल कर दी है. इसके बन जाने से शहर के नालों का गंदा पानी ट्रीट होकर नदी में जायेगा, जिससे नदी के पानी की गुणवत्ता बरकरार रहेगी. उन्होंने कहा कि उसरी रिवर फ्रंट बनाने का विचार इसलिए था कि शहर के लोगों को नदी के तट पर सुबह-शाम घूमने और समय व्यतीत करने का मौका मिले. जो बड़े-बुजुर्ग हैं, वह भी यहां पर आ सकें. उन्होंने कहा कि यह दोनों ही उनकी काफी महत्वाकांक्षी परियोजना है, जिसको धरातल पर उतारने का प्रयास चल रहा है. इन योजनाओं के क्रियान्वयन से गिरिडीह शहरवासियों को काफी लाभ मिलेगा.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
