इससे सीमावर्ती क्षेत्र में रहनेवाले एक दर्जन से अधिक गांवों के लोगों को आवागमन में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. कोसोगोंदोदिघी पंचायत के बेलाटांड़ गांव के ग्रामीण अशोक पासवान, सिकंदर मंडल, शिवशंकर महली, जीतू मुर्मू, संजय मुर्मू व सहदेव महली आदि ग्रामीणों ने शुक्रवार को बताया कि देवरी प्रखंड मुख्यालय से करीब सोलह किलोमीटर चतरो-बेंगाबाद मुख्य सड़क के कोसोगोंदोदिघी से बेलाटांड़, नईटांड़, खोसोखार, बरामो, भीमाटांड़, कर्माटांड़ सहित अन्य गांवों तक जाने के लिए कच्ची सड़क पर गढ्ढे बनने के बाद बोल्डर उभर आये हैं.
बारिश होने पर दोपहिया चलाना भी मुश्किल
सड़क पर बने गढ्ढों में हल्की बारिश होने पर कीचड़ जमा हो गया है, जिससे ग्रामीणों का दोपहिया वाहन भी नहीं गुजर पाता है. ग्रामीणों ने जमुआ की विधायक मंजू कुमारी, कोडरमा की सांसद अन्नपूर्णा देवी एवं जिला प्रशासन से सड़क का कालीकरण करने की मांग की है.कोसोगोन्दोदिघी पंचायत के मुखिया धनेश्वर यादव ने बताया कि सड़क की स्थिति खराब रहने के कारण वरीय पदाधिकारियों के साथ विधायक से पहल करते हुए सड़क बनवाने की मांग की गयी है. सड़क नहीं बन पाने से दो दर्जन से अधिक गांव के लोगों को आवागमन में परेशानी हो रही है.
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