संघ के सदस्यों के अनुसार प्रभारी की नियुक्ति में वरीयता और विभागीय नियमावली की अनदेखी की गयी है. संघ ने स्पष्ट किया कि माध्यमिक आचार्य नियमावली के तहत पीजीटी शिक्षक के लिए प्रधानाध्यापक के पद हेतु आठ वर्ष का अनुभव अनिवार्य है. शिक्षक बीरेंद्र प्रसाद वर्मा इस योग्यता को पूरी तरह पूरा करते हैं. वह इस पद के वास्तविक हकदार हैं.
झारखंड प्लस टू शिक्षक संघ की बैठक
इस मामले को लेकर रविवार को संघ के जिलाध्यक्ष राजेंद्र प्रसाद की अध्यक्षता में बैठक हुई. इसमें पूर्व प्रधानाध्यापक के निर्णय पर असंतोष व्यक्त किया गया. डीइओ से मिलकर मांग पत्र सौंपने पर सहमति बनी. ऋषिकांत सिन्हा, उमेश वर्मा, दयानंद कुमार, आदित्य झा, वंदना कुमारी, रेणु कुमारी, नूतन शर्मा, प्रियतम कुमार, वीरेंद्र वर्मा, उदय यादव, मिथिलेश कुमार, कृष्ण मुरारी मिश्रा, राकेश पाठक, मुमताज अफजल, सुनील कुमार, अनिल प्रियदर्शी, सिकंदर कुमार, सुमित कुमार आदि मौजूद थे.
