Giridih News :हाथी से बचाव के लिए लोगों को जागरूक कर रहे वन विभाग के अधिकारी

Giridih News :बिरनी प्रखंड के हाथी प्रभावित क्षेत्र हरदिया, माखमरगो, मंझलाडीह, दलांगी, बेहराबाद, गुड्डीटांड़, चानो, रजमनिया, कपिलो, पारडीह समेत अन्य गांव के चौक-चौराहों पर वन विभाग के अधिकारी हाथी के आने पर उससे बचाव की जानकारी ध्वनि यंत्र से दे रहे हैं.

वन विभाग के फॉरेस्टर योगेंद्र प्रसाद, एसबीओ बीरेंद्र वर्मा व लखन मरांडी ने कहा कि बिरनी प्रखंड में प्रतिवर्ष हाथी का आना-जाना लगा रहता है. यह हाथियों का कॉरिडोर बन गया है. ऐसे में हाथियों के गांव में प्रवेश रोकने के लिए वन विभाग ठोस पहल की जा रही है.

ग्रामीण युवाओं को ले गठित की जा रही जागरूकता टीम

गांवों में वन विभाग के द्वारा युवाओं की जागरूकता टीम बनायी जा रही है, जो हाथी के आने की सूचना विभाग को सूचना देंगे. साथ ही हाथी आने जानेवाले जगहों पर विभाग लाइट लगाने की भी तैयारी कर रहा था. कहा कि हाथियों के आने पर लोगों को हाथी आने की सूचना तत्काल निकटवर्ती वन विभाग के कर्मचारियों को दें.

हाथी सामने आने पर बचाव के उपाय

यदि, हाथी से सामना हो जाये, तो तुरंत उसके लिए रास्ता छोड़ें. पहाड़ी स्थानों में सामना होने पर ढलान की ओर दौड़ें, ऊपर की ओर नहीं. सीधे ना दौड़कर आड़े-तिरछे दौड़ें. कुछ दूर दौड़ने पर गमछा, पगड़ी, टोपी अथवा कोई वस्त्र फेंक दें, ताकि कुछ समय तक हाथी उसमें उलझा रहे और आपको सुरक्षित स्थान पर पहुंचने का मौका मिल जाये. यदि हाथी गांव में आ ही जाता है, तो मशाल के साथ कम से कम आठ-दस लोग मिलकर एक साथ ढोल या टीना बजाकर उसे भगाने का प्रयास करें. इस प्रक्रिया में भी हाथी के बहुत नजदीक ना जायें. हाथी प्रभावित क्षेत्रों के गांवों में रात में दल बनाकर मशाल के साथ पहरा दें. खेतों की रखवाली के ऊंचा मचान बनायें. विशेषकर उसे ऊंचे मजबूत पेड़ के ऊपर बनाएं और उसे नीचे जमीन पर लकड़ी से आग जलाये रखें. हाथी जिस जंगल में दिखे उस क्षेत्र में चारा, जलावन एकत्र करने नहीं जायें. साथ ही शाम से लेकर सुबह तक आवागमन से बचें. हाथी द्वारा कान खड़े कर व सूंढ़ ऊपर कर आवाज देना इस बात का संकेत है कि वह आप पर हमला करने आ रहा है. अतः तत्काल सुरक्षित स्थान पर चले जायें. हाथियों के सूंघने की शक्ति अत्यधिक प्रबल होती है. इसलिए हाथी को भगाने के क्रम में हवा की दिशा का ध्यान रखें. वैज्ञानिक प्रयोग के आधार पर पाया गया है कि मधुमक्खियों के गुनगुनाने की आवाज हाथियों को भगाने में सहायक साबित होती है.

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Author: PRADEEP KUMAR

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