Giridih News :डबरसैनी में अतिक्रमण करने वालों के खिलाफ चला अभियान

Giridih News :बिरनी प्रखंड के हृदयस्थल कहे जानेवाले मां डबरसैनी पहाड़ से लगभग 500 मीटर दूर डबरसैनी चौक है. यह मौजा अरारी में आता है. उक्त मौजा में 103 एकड़ जमीन बिरनी सीओ की रिपोर्ट के अनुसार गैर मजरुआ खास खाता की है.

उक्त भूमि का अतिक्रमण कर चहारदीवारी व घर बनाने की सूचना को डीसी डॉ रामनिवास यादव ने गंभीरता से ली और बिरनी सीओ संदीप मधेसिया को अविलंब कार्रवाई करने का निर्देश दिया. डीसी के आदेश पर बुधवार को सीओ डबरसैनी चौक पहुंचे. उनके साथ थाना प्रभारी आकाश भारद्वाज, एसआई प्रेमशंकर सिंह, सीआई दीनदयाल दास आदि भी थे. उन्होंने अतिक्रमण कर रहे लोगों की जानकारी ली व जेसीबी मशीन लाने की बात कही. लेकिन जेसीबी मशीन नहीं मिलने आधी-अधूरी चहारदीवारी को ध्वस्त कर सीओ वापस लौट गये. उन्होंने अगले दिन कार्रवाई करने की बात कही

गैर मजरुआ खास खाता की 103 एकड़ जमीन है

उक्त मौजा में 103 एकड़ जमीन बिरनी सीओ की रिपोर्ट के अनुसार गैर मजरुआ खास खाता की है. सर्वे खतियान में उक्त जमीन को जंगल, झाड़ पहाड़ व पठार बताया गया है. उक्त जमीन को बचाने को लेकर बिरनी के सीओ ने इश्तेहार निकाला है. साथ ही उक्त जमीन पर बोर्ड भी लगाया गया था. आम इश्तेहार के माध्यम से सीओ के द्वारा कहा गया है कि खाता 44, प्लॉट 5, कुल रकबा 103.50 एकड़ जमीन गैर मजरुआ खास जमीन किस्म के जंगल, झाड़, पहाड़ व पठार दर्ज उक्त जमीन पर किसी तरह का जोत कोड़ कर घर बनाने पर पूर्ण प्रतिबंध है. इसके बावजूद उक्त जमीन पर लोगों के द्वारा धड़ल्ले से घर बनाया जा रहा है.

कार्रवाई पर पंसस ने उठाया सवाल

अतिक्रमण हटाने पहुंचे सीओ पर अरारी के पंसस पंकज यादव ने सवाल उठायीहै. कहा कि उन्होंने पंचायत समिति की बैठक में लगातार 103 एकड़ जमीन को अतिक्रमण मुक्त करने की मांग की, लेकिन अतिक्रमण नहीं रुका. अंचल कार्यालय ने जिन्हें नोटिस दिया है, सभी ने बड़े-बड़े मकान बना लिये हैं. उन्हें धमकी भी मिलने लगी है. उन्होंने पूरे 103 एकड़ पर कार्रवाई करने की मांग की है. सभी के साथ एक समान व्यवहार की जाये. यह जमीन यदि सरकार की है, तो अतिक्रमण मुक्त करते हुए इस पर पर्यटन स्थल बनाया जाये.

क्या कहते हैं रैयत

जमीन पर चहारदीवारी बना रहे अजीत साव समेत अन्य का कहना है कि उन्हें अंचल कार्यालय से जमीन की जमाबंदी कायम है और सरकारी रसीद निर्गत होता आ रहा है. अगर कार्रवाई करनी है, तो पूरे क्षेत्र में करें. हमलोग जमीन को स्वतः छोड़ देंगे या फिर जब तक हमलोगों की जमाबंदी रद्द नहीं होती है तब तक कार्रवाई नहीं करें.

सीओ ने कहा

सीओ संदीप मधेसिया ने कहा कि कई लोगों की जमाबंदी रद्द करने के लिए उपायुक्त को रिपोर्ट भेजी गयी है. जेसीबी मशीन नहीं मिलने के कारण पूरी जमीन को अतिक्रमण को मुक्त नहीं कराया जा सका है. दूसरे दिन जेसीबी मशीन से अवैध निर्माण को ध्वस्त किया जायेगा.

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By PRADEEP KUMAR

PRADEEP KUMAR is a contributor at Prabhat Khabar.

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