किसान लाभान्वित भी हुए, पर विभागीय उदासीनता के कारण इस दुकान पर ताला लटक गया है. किसानों को बाजार से कम दर पर खाद, बीज व कृषि उपकरण उपलब्ध कराने व कृषि को बढ़ावा देना इसका मकसद था.
चार साल पहले शुरू हुई थी दुकान
दुकान के बंद होने से जेठुआ फसल लगानेवाले किसान इधर-उधर चक्कर लगाने को मजबूर हैं. जानकारी के अनुसार वर्ष 2018 में सरवर आजीविका महिला सखी मंडल की सदस्य बन जेएसएलपीएस से जुड़ी सुचिता तिग्गा ने 19 फरवरी 2022 को जोहार एग्रीमार्ट से संबद्ध गिरिधन एग्री मार्ट महिला प्रोड्यूसर कंपनी लि का संचालन शुरू किया.आसान कीमत पर मिलती थी कृषि सामग्री
महिला प्रोड्यूसर कंपनी की दुकान में धान, मकई से लेकर सभी प्रकार के बीज, खाद, कुदाल, गैंता, पाइप समेत सभी प्रकार के कृषि यंत्र की बिक्री शुरू हुई. यहां खुले बाजार से सस्ता खाद-बीज व अन्य सामग्री मिलने के कारण कृषकों का रुझान भी बढ़ा और कंपनी की दुकान खोलने के बाद नौ माह में उन्होंने 32 लाख का कारोबार का रिकॉर्ड भी बनाया, पर व्यवस्था में कमी, समय पर भुगतान जैसे पेच के बीच दुकान बंद होने के कगार पर आ गयी. हाल यह है कि खेती-बाड़ी के इस मौसम में भी मार्ट में ताला लटक रहा है.
क्या कहतीं हैं संचालक
जोहार एग्री मार्ट से संबद्ध गिरिधन एग्री मार्ट महिला प्रोड्यूसर कंपनी लि की संचालक सुचिता तिग्गा ने कहा कि उन्होंने कभी लाभ तो कभी नुकसान झेलकर दुकान का संचालन किया. दुकान में अब भी काफी सामग्री है, पर समय पर भुगतान नहीं मिल रहा है. कहा कि जिले से पत्र निर्गत होने के बाद ही दुकान नियमित संचालित की जायेगी.
