Giridih News :सीओ के आश्वासन पर तीन दिनों से चल रहा धरना हुआ समाप्त

Giridih News :बिरनी प्रखंड के माखमरगो में अवैध निर्माण कार्य पर रोक लगाने की मांग को लेकर पिछले गुरुवार से अनिश्चितकालीन धरना पर बैठे सरजू रविदास ओर उसके पूरे परिवार से शनिवार को सीओ संदीप मधेसिया ने वार्ता की. सीओ के आश्वासन पर परिवार ने धरना समाप्त करने का निर्णय लिया.

सीओ धरना स्थल पर पहुंचे धरना पर बैठे लोगों तथा भाजपा नेता सह रविदास महासभा के प्रखंड अध्यक्ष लक्ष्मण दास से वार्ता की. सीओ ने कहा कि जमीन पर निषेधाज्ञा लगाने के लिए एसडीओ के पास पत्र भेजा गया है. स्थल पर पहुंचकर कार्य को बंद कराया गया है. सीओ के आश्वासन के तीन दिन बाद शनिवार को धरना पर बैठा परिवार धरना समाप्त कर दिया. धरना पर बैठे लोगों ने कहा कि सुलेमान अंसारी, एकराम अंसारी, गुलटेनी मियां आदि की जमीन की जमाबंदी रद्द करने के लिए वर्ष 2019 में कागज भेजा गया है. इसके बावजूद उक्त जमीन पर किसी पदाधिकारी के संरक्षण में घर बनाया जा रहा है. उन्होंने प्राथमिकी दर्ज कराने की भी मांग की.

जमीन पर नहीं लगी निषेधाज्ञा, तो छठ के बाद फिर शुरू होगा आंदोलन

जमीन पर निषेधाज्ञा नहीं लगेगी, तो छठ पर्व के बाद पूरे परिवार के साथ पुनः अनिश्चितकालीन धरना शुरू किया जायेगा. कहा कि कई बार जमीन को लेकर उक्त लोगों ने मारपीट भी की है, जबकि सरकार से उन्हें भूदान का पर्चा मिला हुआ है. उक्त जमीन को फर्जी सादा हुकुमनामा बनाकर कब्जा कर घर बना रहे हैं. अंचल कार्यालय से उक्त लोगों की जमीन की जमाबंदी रद्द करने के लिए उपायुक्त को पत्र भेजा गया है. उसके बाद भी घर बनाने का कार्य चल रहा है. सीओ उपायुक्त का हवाला देते हैं कि उन्होंने भूदान पर्चे को रद्द कर दिया गया है. भूदान पर्चा उपायुक्त ने रद्द किया है, तो उनका आदेश पत्र व नोटिस क्यों नहीं दिया गया है. सीओ इस तरह कहकर दिग्भ्रमित कर निर्माण कार्य करनेवालों को सहयोग कर रहे हैं.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Author: PRADEEP KUMAR

Digital Media Journalist having more than 2 years of experience in life & Style beat with a good eye for writing across various domains, such as tech and auto beat.

Read More

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >