प्रखंड के सभी मुखिया, वार्ड सदस्य, पंसस व जिप सदस्य ब्लॉक परिसर पहुंचे और प्रदर्शन कर धरना दिया. हेमंत सोरेन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की. धरनास्थल पर सभा हुआ. जिप अध्यक्ष मुनिया देवी ने कहा कि राज्य सरकार पंचायत के जनप्रतिनिधियों के मान सम्मान के साथ पिछले तीन वर्षों से खिलवाड़ कर रही है. सरकार द्वारा लगातार ग्राम पंचायतों के अधिकारों में कटौती की जा रही है. सरकार ने डेढ़ वर्ष से 15वें वित्त की राशि पंचायतों में नहीं भेजकर निजी लाभ लेने के लिए दूसरे विभाग में ट्रांसफार्मर कर रही है. मुखिया को पंचायत में घूमने में के दौरान फजीहत हो रही है. उन्होंने कहा कि इसके लिए सभी मुखिया को एकजुट होकर आरपार की लड़ाई लड़नी होगी.
राशि के अभाव में पंचायतों को विकास रुका : जिलाध्यक्ष
मुखिया संघ के जिला अध्यक्ष भागीरथ मंडल ने कहा कि साढ़े तीन साल से पंचायतों का समुचित विकास नहीं हो पा रहा है. 15वें वित्त की राशि सरकार पंचायतों को नहीं दे रही है. पंचायत प्रतिनिधियों के स्वाभिमान के साथ मजाक किया जा रहा है. अबुआ आवास की स्वीकृति देकर प्रथम किस्त की राशि डेढ़ वर्ष से नहीं दी जा रही है. प्रखंड अध्यक्ष प्रदीप सिंह ने कहा कि मनरेगा मजदूरी का भुगतान भी समय पर नहीं हो पा रहा है. सरकार इन सभी समस्याओं का तत्काल समाधान करे.आंदोलन के बाद भी नहीं निकला समाधान, तो देंगे इस्तीफा
भागीरथ ने कहा कि यदि उनकी मांग पूरी नहीं हुई, तो संघ आंदोलन तेज करेगा. इसके बाद भी समाधान नहीं हुआ, तो राज्य के सभी मुखिया सामूहिक रूप से इस्तीफा दे देंगे. मौके पर जिला सांसद प्रतिनिधि मनीष कुमार वर्मा, भाजपा किसान मोर्चा के जिला उपाध्यक्ष परमेश्वर यादव, धीरन मंडल, उमा देवी, निमिया देवी, राजेंद्र महतो, आशा देवी, पिंकी देवी, सीमा देवी, महेंद्र वर्मा, निजामुद्दीन अंसारी, विकास मंडल, अनीता देवी, मनोज पासवान, अबुजर नोमानी, जयंती देवी, देवी दास, सुनील साव, जिप सदस्य सोनी हनन, सुखदेव यादव, राजू यादव आदि शामिल थे.
डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
