Giridih News :तिसरी प्रखंड में थम नहीं रहा माइका तस्करी का धंधा

Giridih News :तिसरी प्रखंड में एक बार फिर से माइका की तस्करी जोर पकड़ लिया है. माइका तस्कर प्रशासन की आंखों में धूल झोंककर और नियम कानूनों को ताक पर रखकर प्रतिदिन अवैध रूप से लाखों रुपये की बेशकीमती माइका को तिसरी और गावां प्रखंड से कोडरमा जिला के विभिन्न क्षेत्रों में खपा रहे हैं.

इस अवैध कार्य में तिसरी प्रखंड मुख्यालय के एक दर्जन से ज्यादा तथा गावां व कोडरमा के ढिबरा व्यवसायी व ट्रैक्टर मालिक शामिल हैं. बीते दिनों तिसरी प्रखंड मुख्यालय स्थित आधा दर्जन से अधिक माइका गोदामों पर छापेमारी कर प्रशासन ने सील कर दिया था. यहां से काफी मात्रा में माइका बरामद हुआ था.

लगातार छापेमारी के बाद भी नहीं रुक रहा धंधा

तिसरी प्रखंड में माइका तस्करी रोकने के लिए स्थानीय प्रशासन व वन विभाग लगातार छापेमारी करता है. छापेमारी में माइका लदा ट्रैक्टर, पिकअप वैन समेत अन्य सामग्री जब्त कर शामिल लोगों पर मामला दर्ज किया जाता है, लेकिन दो-तीन दिन बाद ही धंधा शुरू हो जाता है. पिछले दिनों हुई छापेमारी के बाद भी पुन: यह स्थिति है. इस बार तस्करों ने धंधा में कुछ बदलाव किया है. सूत्रों के अनुसार प्रखंड मुख्यालय के व्यवसायी तीन-तीन लोगों का चार ग्रुप बनाया है और सभी ग्रुप प्रखंड के अलग-अलग क्षेत्रों से माइका उठाते और रात में अलग-अलग रास्ते से गावां प्रखंड के कोसमाई पहुंचाते हैं. कोसमाई से माइका कोडरमा जिले के डोमचांच समेत अन्य जगहों पर ले जाया जाता है.

गावां के रास्ते कोडरमा के अवैध गोदामों में पहुंचता है माइका

सूत्रों के अनुसार तिसरी के केनारोटांड़, बलबली रंगमटिया, लोकाई, नयनपुर, खटपोंक, मनसाडीह, पचरुखी, गड़कुरा, सलगाडीह, चंदवापहरी समेत अन्य जंगलों में प्रतिदिन रात के एक से दो बजे के बीच ट्रैक्टर, पिकअप वैन, कार समेत अन्य वाहनों में माइका लोड किया जाता है. लोड वाहन तिसरी चौक, मचनियाटांड़, गड़कुरा, बरवाडीह, घंघरीकुरा होते हुए गावां प्रखंड के तराई भतगरवा, कोसमाई के जंगल पहुंचते हैं. इसी तरह तिसरी लोकाई से सिंघो पहाड़ी के रास्ते भी गावां प्रखंड के उक्त क्षेत्र में माइका ले जाया जाता है. वहां से माइका डोमचांच या कोडरमा पहुंचती है. यह काम रात में ही पूरा कर लिया जाता है. सूत्रों के अनुसार गावां प्रखंड के उक्त तराई गांव स्थित जंगल में कोडरमा के व्यापारी मौजूद रहते हैं और रात में ही माइका की कीमत की तय कर ले जाते हैं.

स्कॉट कर ले जाये जाते हैं वाहन

माइका लदे ट्रैक्टर को तराई तक सुरक्षित पहुंचाने के लिए पांच से छह दो पहिए वाहन और कार पर स्कॉट कर गावां पहुंचाते हैं. बाइक सवार रात भर यह पता लगाने में रहते हैं कि वन विभाग के अधिकारी या कर्मचारी किस क्षेत्र में पेट्रोलिंग कर रहे हैं. उसी के अनुसार रूट तय होता है. यही वजह भी है कि माइका तस्कर वन विभाग को चकमा देकर अपना कार्य को आसानी से कर लेते हैं. हाल में ही प्रशासन ने चकलमुंडा स्थित दो घरों में छापेमारी कर 55 टन से ज्यादा माइका जब्त कर दो लोगों पर प्राथमिकी दर्ज की थी. इसके बाद दो दिन तक माफिया शांत रहे और फिर तीसरे दिन से ही धंधा पुन: शुरू हो गया.

खनन विभाग को भी है तस्करी की सूचना

माइका तस्करी की सूचना खनन विभाग, वन विभाग और स्थानीय प्रशासन को है. इसे रोकने के लिए वन विभाग द्वारा लगातार क्षेत्र में छापेमारी भी कर रहा है. लेकिन, माइका तस्करप्रशासन की आंखों में धूल झोंककर धड़ल्ले से अपना काम कर रहे हैं.

वन प्रक्षेत्र पदाधिकारी ने कहा

गावां वन प्रक्षेत्र पदाधिकारी अनिल कुमार ने कहा कि विभाग लगातार छापेमारी अभियान चला रहा है. इस दौरान गावां क्षेत्र में रखा माइका व ट्रैक्टर भी जब्त किया गया है. इसके बाद भी माइका तस्करी की सूचना मिल रही है. इसे रोकने के लिए वन विभाग चौकस है. किसी भी कीमत पर तिसरी प्रखंड में अवैध रूप से इस अवैध कार्य को नहीं करने दिया जायेगा. सघन छापेमारी अभियान चला कर कड़ी कार्रवाई की जायेगी.किसी को भी बख्शा नहीं जायेगा. कहा कि वन विभाग अब माइका तस्करी में शामिल लोगों की गिरफ्तारी भी करेगा.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Author: PRADEEP KUMAR

Digital Media Journalist having more than 2 years of experience in life & Style beat with a good eye for writing across various domains, such as tech and auto beat.

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >