Giridih News :नृत्य और गीत से युवतियों ने बांधा समा

Giridih News :उसरी नदी के निकट शास्त्रीनगर के अमित बरदियार घाट पर आयोजित उसरी महोत्सव के दूसरे दिन शनिवार को कई कार्यक्रम हुए. वक्ताओं ने पर्यावरण बचाने के लिए अपने-अपने विचार व्यक्त किये.

By Prabhat Khabar News Desk |

उसरी महोत्सव. दूसरे दिन कई कार्यक्रमों का हुआ आयोजन, वक्ताओं ने पर्यावरण बचाने की अपील कीउसरी नदी के निकट शास्त्रीनगर के अमित बरदियार घाट पर आयोजित उसरी महोत्सव के दूसरे दिन शनिवार को कई कार्यक्रम हुए. वक्ताओं ने पर्यावरण बचाने के लिए अपने-अपने विचार व्यक्त किये. मुख्य अतिथि सीसीएल बनियाडीह के जीएम बासव चौधरी ने कहा कि उसरी नदी के इस घाट पर छिलका डैम बनाने के लिए सीसीएल ने चार करोड़ रुपये का आवंटन किया है. पहले दो करोड़ का आवंटन हुआ था. डीपीआर बनते-बनते यह चार करोड़ रुपये तक पहुंच गया है. श्री चौधरी ने कहा कि उन्होंने उसरी नदी के बारे में रविंद्र नाथ टैगोर की कविता में पढ़ा था इसलिए मेरे दिल में उसरी नदी बसी है. पहले वाटर फॉल देखा पर अब उसरी नदी को बचाना जरूरी है. पहले वाटर फॉल देखा पर अब उसरी नदी को बचाना जरूरी है. कहा कि उसरी बचाव अभियान में बहुत बेहतर काम हो रहा है. इसमें पर्यटन मंत्री सुदिव्य सोनू जी भी अच्छी पहल कर रहे हैं. इसके पहले कला संगम के सचिव सतीश कुंदन ने कहा कि उसरी नदी को बचाने के लिए आलोचना करना जरूरी नहीं है, जबकि इसके लिए आगे आने की जरूरत है. पर्यावरण को बचाइए तभी जीवन भी बचेगा. मनरेगा के लोकपाल धरणीधर प्रसाद ने कहा कि उसरी को बचाने काे सामूहिक प्रयास करना जरूरी है.

रवींद्रनाथ टैगोर ने की कई कविताओं की रचना

समाजसेवी पंकज ताह ने कहा कि जल है तो जंगल है और जंगल है तभी जमीन है. महान कवि रवींद्रनाथ टैगोर ने इस उसरी नदी के सौंदर्य को देखते हुए कई कविताओं की रचना की थी. कई फिल्मों की शूटिंग भी यहां हुई है. पेड़ को काटना हत्या करने के समान है. पेड़ बचाएं, तभी पर्यावरण बचेगा. इनर व्हील क्लब की पूनम सहाय ने कहा कि उसरी नदी बहुत सुंदर है लेकिन, कहीं कहीं खराब स्थिति में है, जिसे बचाना जरूरी है. प्लास्टिक को नकारें व कपड़े के थैलों का इस्तेमाल करेंं. इसके पहले सेवानिवृत्त शिक्षक प्रवीण कुमार सिन्हा ने जल बचाने की विधि के बारे में बताया. मौके पर भाजपा नेता विनय कुमार सिंह, अनिल कुमार सिन्हा, विपिन कुमार सिन्हा, मुन्ना सिन्हा, मुन्ना कुशवाहा, संगीता सिन्हा आदि शामिल थे.

बंगाली समाज ने किया सांस्कृतिक कार्यक्रम

महोत्सव के दौरान सामाजिक कार्यकर्ता पंकज ताह के नेतृत्व में बंगाली समाज की ओर से वहां लोकनृत्य प्रस्तुत किया गया. सुबह 11 बजे से बालू खेलकूद का कार्यक्रम हुआ, जिसमें कबड्डी, खो-खो, फुटबॉल आदि का खेल हुआ.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

👤 By Prabhat Khabar News Desk

Prabhat Khabar News Desk

Digital Media Journalist having more than 2 years of experience in life & Style beat with a good eye for writing across various domains, such as tech and auto beat.

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >