इस दौरान 25 से अधिक दुकानों की जांच की गयी. निरीक्षण अभियान के दौरान दुकानों में साफ-सफाई की स्थिति, मांस के भंडारण की व्यवस्था, गुणवत्ता और ताजगी के साथ-साथ फूड लाइसेंस से संबंधित दस्तावेजों की जांच की गयी. खाद्य सुरक्षा अधिकारी ने दुकानदारों को स्पष्ट निर्देश दिया कि बिना वैध फूड लाइसेंस के किसी भी स्थिति में मांस की बिक्री नहीं की जाये. साथ ही परिसर व आसपास की नियमित सफाई, गंदगी नहीं फैलाने, मांस को खुले में टांगकर नहीं बेचने और केवल स्टेनलेस स्टील के औजारों का प्रयोग करने का निर्देश दिया.
खाद्य सामग्री को ढककर रखें
अधिकारी ने कहा कि सभी खाद्य सामग्री को ढककर रखें और निर्धारित तापमान पर सुरक्षित रूप से संग्रहित करें. निरीक्षण के दौरान कई दुकानों में स्वच्छता मानकों का पालन नहीं पाये जाने पर कड़ी चेतावनी दी गयी. वहीं, जिन दुकानों के पास वैध लाइसेंस नहीं मिला, उन्हें आवश्यक कागजात शीघ्र प्रस्तुत करने और नियमों का पालन सुनिश्चित करने की बात कही गयी. अभियान के दौरान कुछ स्थानों पर सड़े-गले और मानक से कम गुणवत्ता वाले मांस को जब्त कर मौके पर ही नष्ट किया गया.
स्वास्थ्य से समझौता बर्दाश्त
नहीं
खाद्य सुरक्षा पदाधिकारी ने कहा कि आम जनता के स्वास्थ्य से किसी भी प्रकार का समझौता बर्दाश्त नहीं की जायेगी. निरीक्षण के उपरांत सभी दुकानदारों को नोटिस जारी किया गया है, जिसमें 14 दिनों के भीतर फूड लाइसेंस बनवाने और दिये गये निर्देशों का पालन करने का आदेश दिया गया है. तय समय सीमा में निर्देशों की अवहेलना करने पर संबंधित धाराओं के तहत कार्रवाई की जायेगी.
