रसोइयों के हड़ताल पर चले जाने से धनवार प्रखंड क्षेत्र के विद्यालयों में संचालित मध्याह्न भोजन योजना पर असर पड़ने की संभावना बढ़ गयी है. रसोइया संघ की प्रखंड अध्यक्ष द्रौपदी देवी ने बताया कि लगातार छह महीने से मानदेय लंबित है. कई बार विभागीय अधिकारियों को मौखिक व लिखित सूचना देने के बावजूद अब तक भुगतान नहीं किया गया. आर्थिक तंगी से जूझ रही रसोइयों के सामने परिवार चलाने का संकट खड़ा हो गया है. कहा कि एक तो मानदेय पहले से ही कम है, ऊपर से महीनों तक भुगतान नहीं होता. ऐसे में घर चलाना मुश्किल हो गया है. बताया कि दिनभर रसोईया विद्यालयों में सेवा देती हैं, परंतु जो खाली घरों में बैठे रहते हैं उन्हें मंईयां योजना में मुफ्त का प्रतिमाह 2500 देकर रसोइयों का मुंह चिढ़ाया जा रहा है. संघ ने मांग की है कि बकाया मानदेय का अविलंब भुगतान, इसमें वृद्धि तथा भुगतान प्रक्रिया को नियमित और पारदर्शी बनायी जाये.
मानदेय मिलने तक हड़ताल जारी रखने के चेतावनी
द्रौपदी ने मांगें पूरी नहीं होने तक हड़ताल जारी रखने की चेतावनी दी है. इधर, रसोइयों के हड़ताल पर जाने से विद्यालय प्रबंधन और अभिभावकों की चिंता बढ़ गई है. क्षेत्र के सरकारी विद्यालयों में प्रतिदिन हजारों बच्चों को मध्याह्न भोजन उपलब्ध कराया जाता है. यदि रसोइयों की हड़ताल लंबी चली, तो बच्चों को भोजन मिलना बंद हो जायेगा.
कुछ विद्यालयों में वैकल्पिक व्यवस्था का प्रयास
कुछ विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों ने बताया कि फिलहाल वैकल्पिक व्यवस्था करने की कोशिश की जा रही है, लेकिन बिना रसोइयों के नियमित भोजन बनाना संभव नहीं है. वहीं, अभिभावकों ने प्रशासन से शीघ्र पहल कर समस्या का समाधान निकालने की मांग की है. मौके पर नीतू देवी, अर्चना देवी, लक्ष्मी देवी, पल्लवी देवी, कुसुम देवी, उमा देवी, यशोदा देवी, अनिता देवी, रीना देवी, लीलावती देवी समेत अन्य मौजूद थीं.
