पत्नी, दोनों बेटियां, माता-पिता और भाई शव से लिपटकर दहाड़ मारकर रोने लगे. इससे वहां मौजूद ग्रामीणों की आंखें भी नम हो गयी. गांव में सन्नाटा पसरा रहा और हर चेहरा उदासी में डूबा दिखा. अनल के भाई के घर के आसपास ग्रामीणों की भीड़ जमा रही. लेकिन माहौल पूरी तरह शांत और गमगीन बना रहा.
22 जनवरी को मुठभेड़ में मारा गया था अनल
पतिराम मांझी उर्फ अनल 22 जनवरी को सारंडा जंगल में पुलिस एवं सुरक्षा बलों के साथ हुई मुठभेड़ में मारा गया था. कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के चार दिन के बाद रविवार को शव सौंपा गया. शव को सीआरपीएफ व जिला पुलिस की टीम की कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीचउसके घर तक लाया गया. सुरक्षा को लेकर प्रशासन सतर्क रहा.
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