जमुआ थाना प्रभारी विभूति देव ने कहा कि हारोडीह गांव के सुरेश दास ने आवेदन देकर कहा था कि शनिवार की शाम हमलोग गांव से थाना से प्रतिनियुक्त पदाधिकारी की मौजूदगी में सरस्वती मां की प्रतिमा का विसर्जन करने को ले टोला का भ्रमण करा रहे थे. बंसीडीह गांव से विसर्जन करने को लेकर हारोडीह के तालाब की ओर जा रहे थे. जैसे हारोडीह पहुंचे, तो वहां पहले से बैठे मो हमीद अंसारी, मो मुस्तकीम अंसारी, मो जमीर अंसारी और मो हनीफ ने जुलूस को बीच रास्ते में रोक लिया. धमकी देकर कहने लगे कि जयकारा क्यों लगा रहे हो. जब तक हमलाेग कुछ समझ पाते कि मुन्ना उर्फ फुरकान जुलूस के वाहन पर चढ़ गया और साउंड मशीन को बाहर फेंक दिया. मशीन उसके दाहिने हाथ का हथेली पर गिरी और खून निकलने लगा. जुलूस में शामिल महिला बसंती देवी पति सुखदेव हाजरा बंशीडीह के दाहिने घुटने पर पत्थर से चोट लगी.
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