बीडीओ ने कहा कि यथाशीघ्र उनकी सभी समस्याओं का समाधान किया जायेगा. इधर, सरिता देवी ने कहा कि उनकी शादी गावां प्रखंड के चेरवा में हुई थी. पति सुन और बोल नहीं सकते हैं. इसलिए वह अपने मायके लक्षमनिया में आकर रहने लगी. कहा कि उनके माता-पिता से गोतिया लोग गलत तरीके से सारा जमीन लिखवा लिया हैं. इसके बाद उनके पिता झोपड़ी बनाकर रखे थे, उसी में हम रहने लगे. कहा कि मेरी मां प्रधानमंत्री आवास मिला था और इसके लिए किस्त की राशि भी मिली थी. मेरी मां ने राशि खत्म कर दी, लेकिन आवास नहीं बना पायू. यह भी झोपड़ी अब टूटने लगी है. कहा चूंकि मेरा आधार कार्ड ससुराल वाले रख लिया है, इसलिए मेरे नाम से आवास नहीं मिला.
आधार कार्ड व आवास की सुविधा दिलाने की मांग रखी
कहा कि मेरा आधार कार्ड बनवाते हुए आवास योजना का लाभ दिया जाये. सरकार से सहयोग मिलने पर वह खुशी जतायी. कहा कि अब आशा है कि मैं अब अपने बच्चों के साथ सरकार से मिले आवास में रह सकूंगी. इधर, डीसी ने जानकारी देते हुए बताया कि मुख्यमंत्री के संज्ञान में आये मामले पर तुरंत कार्रवाई की गयी. सरिता को अविलंब सूखा राशन उपलब्ध करा दिया गया है. साथ ही उनके मासूम बच्चों को विभिन्न सरकारी कल्याणकारी योजनाओं से जोड़ने और बच्चों की शिक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने व उनके बेहतर भविष्य के लिए प्रभावी तथा संवेदनशील कदम उठाये जा रहे हैं.
