झारखंड सरकार द्वारा राज्य सरकार के सभी कर्मचारी एवं शिक्षकों के लिए मार्च 2025 से स्वास्थ्य बीमा योजना लागू की गयी है. झारखंड प्लस टू शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष राजेंद्र प्रसाद ने बताया कि सरकारी कर्मचारियों के लिए पहली बार इस तरह की स्वास्थ्य बीमा लेकर कोई सरकार आयी है. इसके तहत कर्मचारियों को मिलने वाले 1000 मेडिकल भत्ता में से 500 प्रतिमाह, जो सालाना 6000 बीमा योजना में अंशदान देना होगा और प्रतिवर्ष प्रति परिवार 5 लाख रुपए बीमा योजना के तहत चिकित्सा पर वह खर्च कर सकेंगे. कहा कि गंभीर स्थिति में यह राशि बढ़ाकर 10 लख रुपये तक रखी गयी है. राज्य एवं देश के चिह्नित अस्पतालों में कैशलेस मेडिकल बीमा का लाभ झारखंड सरकार ने राज्य के लगभग डेढ़ लाख सरकारी शिक्षकों एवं कर्मचारियों को दिया है. कर्मचारी इससे खुश हैं और सरकार के प्रति आभार जताया है. शेष 500 रुपये चिकित्सा भत्ता के रूप में ओपीडी एवं दवा आदि खर्च के लिए मिलता रहेगा.
इन्होंने जताया आभार
मुख्यमंत्री के प्रति आभार जताने वालों में जिलाध्यक्ष राजेंद्र प्रसाद के अलावा जिला सचिव ऋषिकांत सिंह, उपाध्यक्ष आदित्य कुमार झा, दयानंद कुमार, रेणु कुमारी, नूतन शर्मा, सुरेश कुमार रजक, वंदना कुमारी, सुमित कुमार मंडल, राकेश कुमार पाठक, प्रवीण कुमार पांडेय, बलवंत सिंह, गौरव कुमार दास, अनीता मित्तल, सुमित कुमार, मनीष कुमार शर्मा, बसंती मरांडी, उमेश प्रसाद वर्मा आदि शिक्षक शामिल हैं.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
