सहजन के कई प्रजाति सरिया क्षेत्र में मिलते हैं. औषधीय गुणों से भरपूर होने के कारण इसके फूल, फल और पत्तियों की मांग सालों भर होते रहती है. स्थानीय व्यवसायी भी किसानों से सहजन के फल जिसे स्थानीय भाषा में सीटी कहते हैं, खरीदकर ऊंचे दामों में अन्य राज्यों को बेचकर अर्थोपार्जन करते हैं. पोषक तत्वों से भरपूर होने के कारण उपभोक्ता भी बढ़-चढ़कर खरीदते हैं. सरिया बाजार व्यावसायिक मंडी होने तथा रेल व सड़क मार्ग की सुविधा होने के कारण किसान सहजन के फलों को थोक भाव खरीद कर उसे बिहार, पश्चिम बंगाल आदि राज्यों को बेचते हैं.
प्रतिदिन पांच-सात टन दूसरे राज्यों में होता है निर्यात
बताते चलें सरिया प्रखंड क्षेत्र के अलावा बिरनी, बगोदर, मरकच्चो, चौबे, जयनगर आदि प्रखंडों के विभिन्न गांवों से अपनी सुविधा अनुसार ट्रेन या अन्य वाहनों से स्टेशन रोड सरिया स्थित कोऑपरेटिव (सब्जी बाजार) आकर किसान व्यवसायियों के हाथों 15-20 रुपये प्रति किलोग्राम बेचते हैं. इसे व्यवसायी ऊंचे दामों पर अन्य प्रदेशों में व्यवसायियों को बेचते हैं. इस संबंध में सब्जियों के थोक विक्रेता दिलीप मोदी, अजय मोदी, मुरली मोदी, विजय मोदी आदि ने बताया कि पूर्व के वर्षों में सरिया बाजार स्थित सब्जी मंडी से प्रतिदिन 10 से 15 टन सहजन (सीटी) बिहार, पश्चिम बंगाल आदि राज्यों को बेचते थे. यह कार्य पूरे एक माह तक चलता था जिससे उन्हें अच्छा मुनाफा होता था. परंतु, इस वर्ष सहजन की खेती कम हुई है. इसके कारण किसान पूर्व की अपेक्षा बाजार में सहजन बेचने कम आते हैं. वर्तमान में प्रतिदिन पांच से सात टन सहजन का निर्यात दूसरे प्रदेशों को किया जा रहा है. लेकिन, यह पूर्व के वर्षों की अपेक्षा आधा है.
फूल, फल और पत्तियों में औषधीय गुण
डॉ ललन कुमार : इस संबंध में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र सरिया में कार्यरत चिकित्सक डॉ ललन कुमार ने बताया कि सहजन एक औषधि पौधा है. इसके फल, फूल और पत्तियों में कैल्शियम, आयरन और प्रोटीन प्रचुर मात्रा में मिलते हैं, जो स्वास्थ्य के लिए उत्तम होता है. इसकी पत्तियां फूल और फल के सेवन से रक्तचाप नियंत्रित रहता है. हृदय के छोटे-छोटे रोग दूर होते हैं, तनाव कम होता है. मुनगा की पत्तियां शुगर को दूर करती है. इस प्रकार मुनगा के फूल पत्तियां और फल कई अन्य प्रकार की बीमारियों को दूर करने में महत्वपूर्ण आयुर्वेदिक औषधि के रूप में कार्य करता है.
