जिला के बाल विवाह निषेध पदाधिकारियों व जिला प्रशासन के साथ मिलकर बाल विवाह रोकथाम के लिए सतर्कता दिवस मनाया गया. बाल विवाह होने के संभावित ठिकानों जैसे मंदिरों पर निगरानी दस्ता का गठन कर विशेष निगरानी रखी गयी, ताकि एक भी बाल विवाह ना हो. इस अभियान में बाल विवाह निषेध पदाधिकारी (सीएमपीओ), धर्मगुरुओं व अन्य हितधारकों की सक्रिय भागीदारी रही. इस क्रम में जिले के प्रमुख धार्मिक स्थलों बाबा दुखहरण नाथ मंदिर गिरिडीह, बराकर शिवधाम पीरटांड़, राजदाहधाम सरिया व शिव शक्तिधाम सरिया पर विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किये गये और बाल विवाह ना हो इसकी निगरानी की गयी.
अभियान में ये रहे सक्रिय
इस अभियान में बाल विवाह निषेध पदाधिकारी दीपा कुमारी, पंचायत सचिव अकदोनी खुर्द सरफराज अंसारी, धर्मगुरु सूरज पंडित, अभिषेक कुमार पांडेय, रूपा कुमारी, उज्ज्वल मिश्रा, उत्तम कुमार सिंह आदि शामिल थे. बनवासी विकास आश्रम के सुरेश शक्ति ने कहा कि अक्षय तृतीया जैसे शुभ अवसर की आड़ में बाल विवाह जैसे अपराध को किसी भी सूरत में स्वीकार नहीं किया जा सकता. प्रशासन और नागरिक समाज की संयुक्त सतर्कता से पिछले कुछ वर्षों में इस दिन होने वाले बाल विवाहों में कमी आयी है, लेकिन इसे पूरी तरह समाप्त करना हम सभी की जिम्मेदारी है.
चाइल्ड लाइन व पुलिस ने रोका बाल विवाह
अक्षय तृतीया पर बगोदर थाना क्षेत्र के अंतर्गत बाल विवाह की सूचना पर त्वरित कार्रवाई की गयी. इस दौरान एक नाबालिग बच्ची को सुरक्षित रेस्क्यू कर आगे की कार्रवाई के लिए बाल कल्याण समिति, गिरिडीह भेजा गया है. जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रेन की सहयोगी संस्था बनवासी विकास आश्रम, चाइल्ड हेल्पलाइन (1098) व पुलिस प्रशासन के संयुक्त प्रयास से की गयी. बनवासी विकास आश्रम के कार्यक्रम समन्वयक उत्तम कुमार तत्काल बगोदर थाना पहुंचकर थाना प्रभारी को मामले से अवगत कराया और रेस्क्यू करने का अनुरोध किया. थाना प्रभारी के निर्देश पर पुलिस टीम ने त्वरित संज्ञान लेते हुए बाल विवाह को रुकवाया और बच्ची को सुरक्षित संरक्षण में लिया गया. रेस्क्यू के उपरांत बच्ची को विधिसम्मत प्रक्रिया के तहत बाल कल्याण समिति गिरिडीह के समक्ष प्रस्तुति के लिए भेजा गया. इसके बाद संरक्षण व पुनर्वास से संबंधित आवश्यक निर्णय लिये जायेंगे. थाना प्रभारी राजेश कुमार ने बताया कि बाल विवाह एक दंडनीय अपराध है और इसके विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई की जायेगी. साथ ही लोगों से जागरूक व जिम्मेदार नागरिक बनने का आग्रह किया गया, ताकि बच्चों के अधिकारों की रक्षा सुनिश्चित हो सके.संवाददाता कुमार गौरव
