Giridih News: खंडोली मोड़ पर अस्थाई दुकानदार फैला रहे कचरा

अस्थायी दुकानदारों की ओर से कचरा प्रबंधन की व्यवस्था नहीं किये जाने के कारण मोड में कचरों का अंबार लगते जा रहा है.

जिले के प्रसिद्ध पर्यटन स्थल खंडोली में इन दिनों सैलानियों का आवाजाही बढ़ी है. दिनभर यहां सैलानी मनोरम वादियों का लुत्फ उठाने के बाद यादों को लेकर शाम में वापस घर लौटते हैं. इधर पर्यटकों की संख्या को देखते हुए अस्थायी दुकानों की संख्या में भी भारी बढ़ोतरी हुई है. पर्यटन स्थल के अलावा खंडोली मोड़ में भी कई तरह की दुकानें सज गयी हैं. खंडोली मोड़ में सजे दुकानों में पर्यटकों के अलावा आने जाने वाले राहगीर भी रूककर खाने पीने की सामानों की खरीद करते हैं. इधर अस्थायी दुकानदारों की ओर से कचरा प्रबंधन की व्यवस्था नहीं किये जाने के कारण मोड में कचरों का अंबार लगते जा रहा है. सड़क किनारे प्लास्टिक ग्लास, प्लास्टिक व थर्मोकोल के प्लेट बिखरा पड़ा है. खाने पीने के समान भी यहां फेंके जा रहे हैं. इसके सुरक्षित निपटान का प्रबंध नहीं किये जाने के कारण आवारा पशुओं का यहां जमावड़ा लगने लगा है. आवारा पशुओं से पर्यटकों के उपर खतरा मंडराने लगा है. साथ ही पर्यटन स्थल को जाने वाली मार्ग में दुर्गंध परेशानी का सबब बनता जा रहा है. साथ ही बीमारियों को भी आमंत्रण दे रही है. खाद्य पदार्थों के कचरे से निकल रही बदबू ने इलाके के राहगीरों को भी परेशानी बढ़ाने का काम कर रही है. बता दें कि खंडोली मोड़ में दिनभर दुकान सजाने के बाद दुकानदार शाम में वापस अपने घर लौट जाते हैं, लेकिन कचरों का सुरक्षित निपटान की दिशा में कोई पहल नहीं की जा रही है.

अभियान चलाया जायेगा : बीडीओ

इधर बीडीओ सुनील कुमार मुर्मू, थाना प्रभारी जितेंद्र कुमार सिंह ने कहा कि अस्थायी दुकानदारों को पूर्व में ही सचेत किया जा चुका है. इसके बाद भी गंदगी को हटाने की दिशा में पहल नहीं किये जाने की सूचना मिली है. शीघ्र ही खंडोली मोड़ और पर्यटन स्थल में अभियान चलाकर दुकानदारों को सचेत करते हुए स्वच्छता अभियान चलाया जायेगा.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Author: MAYANK TIWARI

Digital Media Journalist having more than 2 years of experience in life & Style beat with a good eye for writing across various domains, such as tech and auto beat.

Read More

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >