पीयूष ने कहा है कि वह अपने अन्य पत्रकार साथी निशांत गुप्ता, निशांत कुमार, नवीन कुमार, अमित कुमार, मृणाल सिन्हा, श्रीकांत सिंह, आशीष विश्वकर्मा, राहुल यादव समेत अन्य के साथ बक्शीडीह रोड स्थित पंप के समीप गोली चलने और सड़क जाम की सूचना पर कवरेज के लिए पहुंचे थे. वहां अफरा-तफरी का माहौल था और लोगों के बीच मारपीट हो रही थी. जैसे ही उन्होंने मोबाइल निकालकर रिकॉर्डिंग शुरू की, वैसे ही वहां मौजूद असामाजिक तत्वों ने पत्रकारों को निशाना बनाना शुरू कर दिया. माइक, आइडी और पहचान पत्र देखकर सभी पत्रकारों को घेर लिया गया और गाली-गलौज करते हुए उनके साथ मारपीट की. हमलावर यह कहते हुए हमला कर रहे थे कि किसी भी पत्रकार को जिंदा नहीं छोड़ना है. पत्रकारों के मोबाइल और एक बाइक क्षतिग्रस्त कर दिया. जान बचाकर भागने के दौरान पत्रकारों पर पथराव भी किया गया. पीयूष के आवेदन के आधार पर राजू खान, मो वशीम, मो मिस्टर और राजू खान के दामाद समेत अन्य पर प्राथमिकी दर्ज कर ली है.
खंगाले जा रहे हैं सीसीटीवी फुटेज : थाना प्रभारी :
नगर थाना प्रभारी रतन कुमार सिंह ने बताया कि पत्रकारों के साथ मारपीट, छिनतई और पथराव की घटना को लेकर मामलादर्ज कर लिया गया है. घटनास्थल और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले जा रहे हैं, ताकि आरोपितों की पहचान सुनिश्चित की जा सके.
डीसी-एसपी से मिला गिरिडीह प्रेस क्लब का प्रतिनिधिमंडल
पत्रकारों पर हुए हमले को लेकर गिरिडीह प्रेस क्लब की एक बैठक सर्किट हाउस में हुई. इस बैठक में 23 फरवरी को पत्रकार पर हुए हमले की तीखी आलोचना की गयी. इसके बाद पत्रकारों का एक प्रतिनिधि मंडल गिरिडीह के डीसी रामनिवास यादव व एसपी डॉ विमल कुमार से मिलकर उन्हें सारी स्थिति से अवगत कराया और हमले में शामिल लोगों की अविलंब गिरफ्तारी की मांग की. दोवो अधिकारियों ने आश्वासन दिया कि पूरे मामले की जांच कर हमलावरों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जायेगी. इस घटना में शामिल लोगों को किसी भी स्थिति में बख्शा नहीं जायेगा. गिरिडीह को अशांत करने की छूट किसी को नहीं दी जायेगी.
